लाॅकडाउन में विभिन्न आपातकालीन नंबरों पर आई 46,570 काॅल्ज

Spread with love

शिमला। 21वीं सदी में भारत ने विज्ञान, शिक्षा, तकनीकी, सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य जैसे सभी क्षेत्रों में विकास मे नए आयाम स्थापित किए हैं।

भारतवासियों ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि उसे कोरोना वायरस नामक महामारी से मानव जीवन के अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़नी होगी। कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार संचार तकनीक के विभिन्न माध्यमों का प्रयोग कर लोगों को सूचारू रूप से सूचनाएं प्रदान कर रही है।

प्रदेश सरकार लोगों तक सही सूचनाएं उपलब्ध करवाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। सरकार ने राज्य और जिला स्तर पर आपातकालीन परिचालन केन्द्र स्थापित किए हैं।

प्रदेश और प्रदेश के बाहर रह रहे लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नम्बर- 0177-2622204, 2629688, 2629939 सहित टोल फ्री नम्बर- 1070 और 1077 स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला स्तरीय आपातकालीन परिचालन केन्द्र के लिए अतिरिक्त दूरभाष नम्बर भी जारी किए हैं।

बिलासपुर जिला के लिए 01978-224901,

चम्बा के लिए 01899-226951,

हमीरपुर के लिए 01972-221277,

कांगड़ा के लिए 01892-229050,

किन्नौर के लिए 01786-223151,

कुल्लू के लिए 01902-225630,

लाहौल-स्पिति के लिए 01900-202509, मण्डी के लिए 01905-226201,

शिमला के लिए 0177-2800880,

सिरमौर के लिए 01702-226401,

सोलन के लिए 01792-220882 और

ऊना जिला के लिए 01975-225045 दूरभाष नम्बर स्थापित किए गए हैं।

अन्य राज्यों में रहने वाले हिमाचली लोगों की सहायता के लिए भी हेल्पलाइन नम्बर-0177-2626076 और 2626077 स्थापित किए गए हैं।

चण्डीगढ़ के लिए 0172-5000103, 5000104 तथा मोबाइल नम्बर-81463-13167 व 99888-98009 और

दिल्ली के लिए 011-23711964, मोबाईल नम्बर-96685-39423 व 88028-03672 नम्बरों के माध्यम से लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाने के साथ-साथ किरयाने का सामान, भोजन, आश्रय और दवाइयां प्रदान कर लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

प्रदेश के सभी जिलों के आपातकालीन परिचालन केन्द्रों में भी टोल फ्री नम्बर-1077 स्थापित किया गया है। यह नम्बर 24 घण्टे सक्रिय रहता है। इन हेल्पलाइन नम्बरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक हजारों लोगों ने इन नम्बरों पर फोन कर अपनी समस्याएं सरकार तक पहुुंचाई और प्रदेश सरकार ने भी इन समस्याओं का समाधान कर लोगों तक राहत पहुंचाई है।

इन हेल्पलाइन पर आवश्यक दवाओं, खाद्य सामग्री, चिकित्सीय जांच आदि समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचा कर इनका समाधान किया जा रहा है।

प्रदेश सरकार द्वारा तेलंगाना में फंसे हमीरपुर जिला के ललित कुमार हो या जुब्बल के कुलदीप सूद इन जैसे हजारों लोगों को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से ही समय पर सहायता प्रदान करने पर इन लोगों ने प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया है।

लाॅकडाउन लगने के कारण चण्डीगढ़ में फंसे दीपेन्द्र को आशा नहीं थी कि वह इतने कम समय में अपने घर लौट पाएंगे। दीपेन्द्र ने प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध करवाए गए हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत करवाया।

दीपेन्द्र जैसे हजारों लोग जो प्रदेश में अपने घर लौटने के इच्छुक है, इन हेल्पलाइन सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

प्रदेश आपातकालीन परिचालन केन्द्र में स्थापित इन नम्बरों में 24 मार्च, 2020 से 23 मई, 2020 तक 46,570 काॅल का आदान-प्रदान किया गया है, जिनमें से 46,007 काॅल विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त करने हेतु की गई।

देश के विभिन्न भागों में रह रहे प्रदेशवासियों को कोविड-19 से जुड़ी जानकारी, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, क्वारन्टीन अवधि, शारीरिक दूरी संबंधी जानकारी भी केन्द्र द्वारा स्थापित नम्बरों के माध्यम से लोगों को प्रदान की जा रही है।

इन हेल्पलाइन नंबरों से लोगों को जागरूक करने के लिए 563 काॅल की गई हैं।

जिले में स्थापित केन्द्रों में भी लगातार हजारों की संख्या में काॅल आ रही हैं। इसमें सबसे अधिक कुल्लू जिला में 8,704 काॅल के माध्यम से लोगों ने विभिन्न प्रकार की जानकारी हासिल की।

इसके अतिरिक्त चम्बा जिला के आपातकालीन कक्ष में 2,098, सिरमौर में 2,042, हमीरपुर में 1,825, सोलन में 700, ऊना में 526, किन्नौर में 509, मण्डी में 416, बिलासपुर में 241 और लाहौल-स्पीति में 15 काॅल आई हैं।

इन केन्द्रों का संचालन करने वाले अधिकारियों के अनुसार अधिकतर काॅल प्रदेश वापसी, होम और संस्थागत क्वारंटीन नियम, कोविड-19 जांच, ई-पास, दवाईयों की उपलब्धता और रेड, आॅरेंज और ग्रीन जोन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए की गई हैं।

अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा का लाभ वरिष्ठ नागरिकों, प्रवासी श्रमिकों सहित गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष रूप से मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: