मुख्यमंत्री ने कोविड-19 से लड़ाई में शहरी स्थानीय निकायों के सदस्यों की सराही भूमिका

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शिमला 12 जून, 2020। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के सदस्य कोविड-19 की लड़ाई में देश व राज्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और इस महामारी के समाप्त होने पर उन्हें यह जिम्मेदारी प्रभावी रूप से निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने आज शिमला से प्रदेश के स्थानीय शहरी निकायों के प्रतिनिधियों को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 54 शहरी स्थानीय निकायों के लगभग चार हजार कार्यकर्ता न केवल अपने क्षेत्रों में स्वच्छता कायम रखे हुए है, बल्कि उन लोगों पर भी नजर बनाए हुए हैं, जो देश के विभिन्न राज्यों से घर वापसी कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों के कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन के रूप में दो महीनों के लिए 1500 रुपये प्रदान करने के अतिरिक्त एक महीने का अग्रिम वेतन भी प्रदान किया है ताकि कोरोना वायरस महामारी के कारण उन्हें वित्तीय परेशानी का सामना न करने पड़े।

उन्होंने कहा कि ये कार्यकर्ता सही मायनों में कोरोना योद्धा हैं, जिन्होंने क्वारंटीन केन्द्रों को भी सेनेटाईज किया है। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के 179 स्वयं सहायता समूहों ने जरूरतमंद लोगों को एक लाख मास्क प्रदान किए हैं।

जय राम ठाकुर ने कहा कि इस महामारी के दौरान प्रदेश के हजारों लोग अन्य राज्यों से वापस आए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश की आर्थिकी को पुनर्जीवित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना आरम्भ की है, जिसके अन्तर्गत शहरी क्षेत्रों के लोगों को 120 दिनों का निश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। अगर आवश्यक हुआ तो इसके लिए इन लोगों के कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे राज्य के भीतर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।

उन्होेंने कहा कि बाहरी राज्यों से वापिस आए लोगों के घर उचित प्रकार से चिन्हित किए जाने चाहिए ताकि उस मोहल्ले के लोग इस बारे में जागरूक हो सकें।

उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि ऐसे लोग होम क्वारंटीन का उल्लघंन न करें। उन्हें ऐसे लोगों के परिजनों को भी शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

जय राम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ शारीरिक दूरी के महत्व के बारे में सूचना, शिक्षा और संचार सामग्री भी उपलब्ध करवानी चाहिए।

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