जिला हमीरपुर में संस्थागत व गृह-संगरोध के लिए नए दिशा-निर्देश जारी

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हमीरपुर, 3 जून, 2020। प्रदेश सरकार की ओर से 1 जून को जारी आदेशों की अनुपालना में जिला दंडाधिकारी हरिकेश मीणा ने हमीरपुर जिला में बाहर से आने वाले लोगों को कोरोना वायरस के दृष्टिगत गृह संगरोध एवं संस्थागत संगरोध करते समय नए निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के आदेश पारित किए हैं।

आदेशों के अनुसार जिला हमीरपुर में देश के अन्य शहरों मुम्बई, चेन्नई, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, थिरूवल्लूर, कोलकाता, हावड़ा, इंदौर, जयपुर, जोधपुर, चेंगालपट्टू, दिल्ली राज्य (नई दिल्ली, शाहदरा, दक्षिण दिल्ली तथा राज्य के उत्तर-पूर्वी एवं दक्षिण पश्चिमी जिलों को छोड़कर) से आने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए संस्थागत संगरोध किया जाएगा।

उपरोक्त शहरों को छोडक़र देश के अन्य राज्यों से हमीरपुर जिला में रेल, सड़क तथा हवाई यात्रा के माध्यम से आने वाले प्रदेश के लोगों को 14 दिन के लिए गृह संगरोध में रहना होगा।

जिला हमीरपुर के लोग जो चिकित्सा, व्यवसाय अथवा कार्यालय कार्य के उद्देश्य से अंतर्राज्यीय सीमा को पार कर दूसरे राज्यों में जाकर 48 घंटे के अंदर वापस आ जाते हैं, ऐसे लोगों को गृह संगरोध अथवा संस्थागत संगरोध में नहीं रहना पड़ेगा।

परंतु, ऐसे लोग जो चिकित्सा, व्यवसाय अथवा कार्यालय उद्देश्य के लिए जिला हमीरपुर से अंतर्राज्यीय सीमा को पार कर दूसरे राज्यों में जा रहे हैं और 48 घंटे के बाद जिला में वापस आएंगे, उन्हें 14 दिन के लिए गृह संगरोध में रहना होगा।

ऐसे लोग जो विदेश से आए हैं तथा उन्हें राज्य से बाहर संगरोध किया गया है, उनको भी 14 दिन की अवधि के लिए गृह संगरोध में रहना होगा।

गृह संगरोध की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों को 14 दिन की अवधि के लिए संस्थागत संगरोध में रहना होगा।

ठेकेदरों, कृषकों, बागवानों, परियोजना प्रस्तावकों द्वारा दूसरे राज्यों से लाए गए श्रमिकों/मजदूरों को भी 14 दिनों के लिए संगरोध में रहना होगा और इनके लिए संबंधित बागवानों, कृषकों, ठेकेदारों तथा परियोजना प्रस्तावकों को ही संगरोध सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

यदि किसी व्यक्ति को उपरोक्त श्रेणी के अंतर्गत संगरोध में रखना आवश्यक हो और उसके पास घर में संगरोध के लिए अलग से अपना कमरा उपलब्ध न हो तो ऐसी स्थिति में उसे 14 दिन के लिए संस्थागत संगरोध किया जाएगा।

जिला हमीरपुर में आने वाले सेना से संबंधित ऐसे व्यक्तियों, जिन्हें सक्षम प्राधिकारी द्वारा चिकित्सा प्रमाण पत्र या संगरोध से सम्बंधित प्रमाण पत्र जारी किया गया हो, उन्हें यह प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर 14 दिन की अवधि के लिए गृह संगरोध में भेजा जाएगा।

इसके अतिरिक्त यदि कोई व्यक्ति भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अंतर्गत प्राधिकृत प्रयोगशाला द्वारा जारी व्यक्तिगत कोविड नेगेटिव जांच रिपोर्ट जो कि उसकी यात्रा शुरू होने से तीन दिन पूर्व जारी की गई हो, के साथ जिला में प्रवेश करता है, तो उस स्थिति में भी ऐसे व्यक्तियों को 14 दिन के लिए गृह संगरोध में रहना होगा।

संस्थागत संगरोध के लिए कुछ विशिष्ट मामलों में बीएमओ/ मैडीकल बोर्ड की सिफारिश पर ढील/छूट भी दी जा सकती है।

कोई भी व्यक्ति जिसे संस्थागत संगरोध में रखा जाना है और यदि वह स्वयं के व्यय पर (पेड) संगरोध सुविधा लेना चाहता है तो वे संबंधित उपमंडलाधिकारी (ना.) द्वारा चिन्हित किए गए होटल में रह सकते हैं।

उपरोक्त निर्देशों की उल्लंघना करने वाले व्यक्ति को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 269, 270 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 के अंतर्गत दंडित किया जाएगा।

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