भारत के मनोरंजन और रचनात्मक उद्योग के लिए प्रधानमंत्री का आह्वान, वैश्विक मंच पर भारत की रचनात्मक क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए वेव्ज में हों शामिल

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दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात के 117वें एपिसोड में भारत के रचनात्मक और मनोरंजन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि के बारे में रोमांचक खबर साझा की।
राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि भारत अगले साल 5-9 फरवरी, 2025 तक पहली बार विश्व श्रृव्य दृश्य मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्ज) की मेजबानी करेगा।

वेव्ज शिखर सम्मेलन: भारत की रचनात्मक प्रतिभा के लिए एक वैश्विक मंच

वेव्ज शिखर सम्मेलन की तुलना दावोस जैसे वैश्विक आयोजनों, जहां दुनिया की आर्थिक दिग्गज कंपनियां एकत्रित होती हैं, उससे करते हुए प्रधानमंत्री
ने कहा कि “भारत की रचनात्मक प्रतिभा को विश्व के सामने प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर आने वाला है। मीडिया और मनोरंजन उद्योग की दिग्गज कंपनियां, साथ ही दुनिया भर की रचनात्मक हस्तियां भारत में एकत्रित होंगी। यह सम्मेलन भारत को वैश्विक सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

मीडिया और मनोरंजन उद्योग की दिग्गज कंपनियां, साथ ही दुनिया भर की रचनात्मक हस्तियां भारत में एकत्रित होंगी। यह सम्मेलन भारत को वैश्विक सामग्री निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

उन्होंने वेव्ज की तैयारियों में युवा रचनाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया जो भारत के रचनात्मक समुदाय की ऊर्जावान भावना को दर्शाता है। उन्होंने देश के युवाओं के उत्साह और बढ़ती हुई सृजनशील अर्थव्यवस्था में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त किया जो भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक प्रमुख योगदानकर्ता है।

उन्होंने देश के युवाओं के उत्साह और बढ़ती हुई सृजनशील अर्थव्यवस्था में उनके योगदान पर गर्व व्यक्त किया जो भारत के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक प्रमुख योगदानकर्ता है।

उन्होंने कहा कि “चाहे आप युवा रचनाकार हों या स्थापित कलाकार, बॉलीवुड या क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़े हों, टीवी उद्योग के पेशेवर हों, एनीमेशन, गेमिंग के विशेषज्ञ हों या मनोरंजन प्रौद्योगिकी के प्रर्वतक हों, मैं आपको वेव्ज सम्मेलन का हिस्सा बनने का आह्वान करता हूं”, भारत के प्रधान मंत्री ने मनोरंजन और रचनात्मक उद्योगों के सभी हितधारकों से वेव्ज में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह करते हुए कहा।

वेव्ज सम्मेलन भारत की रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में काम करने, सहयोग को बढ़ावा देने और विश्व स्तरीय सामग्री निर्माण के केंद्र के रूप में देश की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए तैयार है। यह एनीमेशन, गेमिंग, मनोरंजन प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय और मुख्यधारा के सिनेमा में भारत की प्रगति को भी प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री का इसके लिए आह्वान भारत की सृजनशील अर्थव्यवस्था को बढ़ाने करने और मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह एनीमेशन, गेमिंग, मनोरंजन प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय और मुख्यधारा के सिनेमा में भारत की प्रगति को भी प्रदर्शित करेगा। प्रधानमंत्री का इसके लिए आह्वान भारत की सृजनशील अर्थव्यवस्था को बढ़ाने करने और मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में वैश्विक नेता के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सिनेमा जगत के दिग्गजों को उनकी जन्म शताब्दी पर सम्मानित करना

भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने 2024 में भारतीय सिनेमा की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की 100 वीं जयंती मनाई। उन्होंने राज कपूर की अपनी कालजयी फिल्मों के माध्यम से भारत की सौम्यता को प्रदर्शित करने में भूमिका, मोहम्मद रफी की मंत्रमुग्ध करने वाली आवाज जो सभी पीढ़ियों को सम्मोहित करती है और भारतीय परंपराओं को दर्शाते हुए तेलुगु सिनेमा को ऊपर उठाने में अक्किनेनी नागेश्वर राव के योगदान का उत्सव मनाया।

उन्होंने तपन सिन्हा की सामाजिक सरोकार वाली फिल्मों का भी सम्मान किया, जिन्होंने एकता और जागरूकता के लिए प्रेरित किया।

मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे इन दिग्गजों ने न केवल भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग को आकार दिया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत किया, जिससे पीढ़ियों के लिए प्रशंसा और प्रेरणा लेने के लिए एक चिरस्थायी विरासत छोड़ी गई।

उन्होंने राज कपूर की अपनी कालजयी फिल्मों के माध्यम से भारत की सौम्यता को प्रदर्शित करने में भूमिका, मोहम्मद रफी की मंत्रमुग्ध करने वाली आवाज जो सभी पीढ़ियों को सम्मोहित करती है और भारतीय परंपराओं को दर्शाते हुए तेलुगु सिनेमा को ऊपर उठाने में अक्किनेनी नागेश्वर राव के योगदान का उत्सव मनाया।

उन्होंने तपन सिन्हा की सामाजिक सरोकार वाली फिल्मों का भी सम्मान किया, जिन्होंने एकता और जागरूकता के लिए प्रेरित किया।

मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे इन दिग्गजों ने न केवल भारतीय सिनेमा के स्वर्ण युग को आकार दिया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत किया, जिससे पीढ़ियों के लिए प्रशंसा और प्रेरणा लेने के लिए एक चिरस्थायी विरासत छोड़ी गई।
यह भी उल्लेखनीय है कि 55 वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) ने राज कपूर, तपन सिन्हा, अक्किनेनी नागेश्वर राव (एएनआर) और मोहम्मद रफी की असाधारण विरासत को, स्क्रीनिंग और इंटरैक्टिव कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के माध्यम से श्रद्धांजलि दी, जिससे सिनेमा की दुनिया में इन महान फिल्म हस्तियों के योगदान के बारे में जानकारी मिल सके।

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