दो दशकों से विशेष दुर्गा पूजा से सुसज्जित हो रही पश्चिमी दिल्ली

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दिल्ली। द्वारका उपनगर के मध्य में स्थित द्वारका बंगीय समाज (डीबीएस) गत दो दशकों से पश्चिमी दिल्ली के प्राचीनतम एवं सर्वाधिक प्रतिष्ठित दुर्गा पूजा समारोहों में से एक का आयोजन करता आ रहा है।

इस अवधि में डीबीएस ने बांग्ला समुदाय में अपनी विशेष पैठ बना ली है। प्रति वर्ष “भव्य एवं दिव्य” दुर्गा पूजा समारोह द्वारका सेक्टर 6 स्थित डीडीए पार्क में पारम्परिक तथा विधिवत रूप से आयोजित किया जाता है।

इस उत्सव के दौरान प्रतिदिन लगभग 30,000 से भी अधिक श्रद्धालुगण माँ दुर्गा के दर्शनार्थ इस पंडाल में उत्साहपूर्वक आते हैं। “शरदोत्सव” के नाम से लोकप्रिय यह वार्षिक उत्सव धार्मिक सीमाओं से परे है।

इतना ही नहीं, इस आयोजन के माध्यम से सभी वर्गों एवं धर्मों के लोगों को इस उत्सव में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया जाता है।

असंख्य कॉर्पोरेट और निजी संस्थान इस पूजा से निकटता से जुड़े हुए हैं, जो इसकी सांस्कृतिक महत्ता और समुदाय के हित में किए जा रहे कार्यों का पूर्ण समर्थन करते हैं।

दुर्गा पूजा समारोह के संस्थापक अध्यक्ष श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुधीर गिरि जी हैं, जिनके नेतृत्व में यह आयोजन निरन्तर ख्याति प्राप्त कर रहा है।

डीबीएस की दुर्गा पूजा की भव्यता इसके विषय-आधारित (थीम बेस्ड) पंडालों के माध्यम से स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। इन पंडालों का निर्माण समय की मांग एवं सार्थक आधार पर किया जाता है।

बंगाल के दक्ष कारीगर स्थानीय प्रतिभाशाली कामगारों के साथ मिलकर आकर्षक पंडालों के डिज़ाइन तैयार करते हैं, इन पंडालों को देखकर दर्शकगण मंत्रमुग्ध हो जाते हैं।

पंडाल में दुर्गा प्रतिमा के लिए एक पारम्परिक मंडप, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक मंच, 3,000 से अधिक लोगों के बैठने की सुव्यवस्था, प्रतिदिन भोग तैयार करने के लिए एक रसोई, खाने-पीने के विभिन्न स्टॉल और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से जगह जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होती हैं।

डीबीएस धार्मिक आयोजन के साथ-साथ, सामाजिक दायित्व का भी निर्वहन कर रहा है। वर्ष 2018 से, एकल- उपयोग वाले प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चलकर पर्यावरण संरक्षण में अपना पूर्ण सहयोग भी दे रहा है।

धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा, डीबीएस द्वारा समुदाय के लोगों के अनुभव को समृद्ध करने की दिशा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला का भी आयोजन किया जाता है।

इस उत्सव में विख्यात गायक एवं गायिका जैसे कुमार सानू, उदित नारायण, अलका याग्निक और मीका सिंह भी अपनी प्रस्तुतियाँ देते हैं।

इसके अलावा, ज़ी सारे गा मा और इंडियन आइडल जैसे राष्ट्रीय मंचों से उभरती प्रतिभाएँ भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करती हैं। सच में, इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस उत्सव में चार चाँद लग जाते हैं।

विशेष समुदाय के लोग इस पूजा समारोह में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान प्रतिदिन लगभग 3,500 से 4,000 लोगों को प्रसाद और भोग प्रदान किया जाता है, जिससे भक्तों को स्वादिष्ट भोजन के साथ, माँ दुर्गा का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि सांस्कृतिक संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता के माध्यम से, द्वारका बंगीय समाज पश्चिमी दिल्ली में परंपरा एवं एकता का प्रतीक बन गया है। इस वर्ष यह उत्सव 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।

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