75 प्रतिशत सडक दुर्घटनाओं का कारण तेज रफ्तार, कठोर सजा से कम किया जा सकता है यह अपराध : शांता कुमार

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पालमपुर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि भारत का सड़क परिवहन मंत्रालय सबसे अधिक बढ़िया और षानदार काम कर रहा है। नितिन गडकरी ने भारत को शानदार राजमार्गो का देश बना दिया है।

उन्होंने कहा कि अपने भाषण में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत में दुनिया के एक प्रतिशत वाहन है परन्तु भारत में दुनिया की कुल दुर्घटनाओं का 11 प्रतिशत भारत में होता है।

विश्व में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं भारत में होती हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में 5 लाख दुर्घटनाएं हुई जिनमें एक लाख 80 हजार लोग मारे गये है।

भारत में प्रतिदिन 42 बच्चे और 31 किशोर दुर्घटनाओं में मरते है। उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही कि 75 प्रतिशत दुर्घटनाएं केवल तेज गति से चलने के कारण होती है।

शांता कुमार ने सरकार से आग्रह किया है कि तेज रफ्तार के अपराध को कठोर सजा से कम किया जा सकता है। दुनिया में बहुत से देशों में कठोर सजा के कारण सभी अपराधों को कम किया गया है।

उन्होंने कहा कि तेज रफ्तार के अपराध पर 25 हजार जुर्माना और 3 महीने के लिए लाइसेंस कैंसिल किया जाए। यदि वही व्यक्ति वही अपराध दोबारा करे तो 50 हजार जुर्माना और 6 महीने के लिए लाईसेंस कैंसल किया जाए।

इतनी सख्त सजा से मूर्ख तक संभल जाएगें परन्तु हो सकता है 10 प्रतिशत महामूर्ख फिर भी न समझे। एक अनुमान के अनुसार इस सख्त सजा के बाद एक लाख 22 हजार लोगों का जीवन बच जाएगा और सरकार के खजाने में 50 करोड़ रू से अधिक की आय होगी।

उन्होंने इस विषय पर बड़ी गंभीरता से यह अनुमान लगाया है यदि सरकार यह कठोर कानून बनाए तो भारत में प्रतिवर्ष एक लाख 22 हजार मौतें कम हो जाएगी और हजारों घरों में मातम की काली छाया नही पडे़गी और सरकार को जुर्माने की राशि से करोड़ों का लाभ होगा।

शांता कुमार ने कहा कि विश्व में बहुत से देश हैं जिनमें कठोर सजा के कारण अपराधों की संख्या बहुत कम है। यदि उन देशों में अपराध कम किये जा सकते हैं तो भारत में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।

सबसे हैरानी की बात है कि भारत में मरने वालों में 75 प्रतिशत केवल तेज गति से होनी वाली दुर्घटनाओं में मरते है। इस अपराध को कठोर सजा से कम करना बिलकुल सम्भव है।

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