शिमला। 1 मार्च को छोटा शिमला थाना पर बिजली विभाग की तरफ से एक शिकायत पत्र दिया गया था जिसमें विभाग ने लोक भवन व मंत्री आवास के नजदीक स्थित अपने एक पावर स्टेशन से तारें चोरी होने के बारे में सूचना दी।
पुलिस ने मुकदमा संख्या 22/2026, 1 मार्च को धारा 331(4), 305 BNS पंजीकृत किया और जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया।
एसपी गौरव ने बताया कि अन्वेषण के दौरान सभी पहलुओं पर गहनता से जांच की गई और शहर के विभिन्न कबाड़ की दुकानों और कबाड़ का कार्य करने वाले व्यक्तियों से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान एक संदिग्ध आरोपी की इस घटना में भूमिका का पता चला। आरोपी रंजीत उर्फ डैनी निवासी जिला दरभंगा (बिहार), हाल निवासी खलीनी से संदेह के आधार पर पूछताछ की गई परंतु उक्त व्यक्ति पुलिस को झूठ बोलता रहा और गुमराह करता रहा।
इसके खिलाफ पुलिस द्वारा धीरे धीरे सबूत एकत्रित किए गए और अन्वेषण के दौरान उक्त व्यक्ति की गाड़ी से चोरी की गई तांबे की तारें बरामद की गईं।
इस ठोस साक्ष्य के बरामद होने के बाद ही आरोपी को 6 मार्च को गिरफ्तार किया गया और गहनता से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि इस चोरी में उसके साथ दो अन्य व्यक्ति भी शामिल थे, जिनकी पहचान सोनू सहानी (उम्र 29 वर्ष) पुत्र नरेश साहनी गांव मुस्तफापुर तहसील हनुमान नगर ज़िला दरभंगा बिहार तथा अजय सहानी उर्फ लनटुन (उम्र 25 वर्ष) पुत्र उदगार साहनी गांव मुस्तफापुर तहसील हनुमान नगर ज़िला दरभंगा बिहार(हाल निवासी शिमला) के रूप में हुई। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को 8 मार्च को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने घटना को अंजाम देने से पहले संबंधित स्थान की रेकी की थी और 28 फरवरी की मध्यरात्रि को बिजली के तार काटकर चोरी की।
चोरी किए गए तारों को जंगल के रास्तों से मुख्य सड़क तक लाया गया, जहां उन्होंने अपने साथी रंजीत उर्फ डैनी को बुलाकर सामान उसकी गाड़ी में रख दिया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए सोनू और अजय फरार हो गए थे और पुलिस की लगातार दबिश के चलते अंडरग्राउड हो गए।
परंतु जैसे ही इन्होंने यहां से भागने की कोशिश की तब पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों को कैथलीघाट से दिल्ली की तरफ भागते हुए गिरफ्तार किया। मामले में आगामी कार्यवाही जारी है।
जिला पुलिस शिमला ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना अथवा हेल्पलाइन नंबर पर दें।
