आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार, बदले की भावना से किए तबादले निरस्त करे सरकार : रोहित ठाकुर

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शिमला। हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों के बदले की भावना से किए गए तबादले दुर्भाग्यपूर्ण हैं। यह बात वरिष्ठ काँग्रेस नेता व जुब्बल-नावर-कोटखाई के विधायक रोहित ठाकुर ने मीडिया में ज़ारी एक ब्यान में कही।

उन्होंने कहा कि प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के कर्मचारी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अधिकारों के अनुरूप पुरानी पैंशन बहाली के लिए आंदोलन कर रहे थे।

सरकार को चाहिए था कि कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करती और बातचीत के लिए बुलाती, इसके विपरीत भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने के लिए लाठीचार्ज कर तानाशाही रवैया अपनाया।

रोहित ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी प्रदेश के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि तबादला करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है लेक़िन बदले की भावना से सरकार द्वारा तबादलों के तुग़लकी फ़रमान ने कर्मचारियों के मनोबल को गिराने का काम किया है।

रोहित ठाकुर ने भाजपा सरकार के इशारे पर युवा कांग्रेस पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में भत्सना की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने की बजाय आंदोलन करने के लोकतांत्रिक अधिकार को कुचल कर आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है।

रोहित ठाकुर ने भाजपा सरकार के बदले की भावना से किए गए कर्मचारियों के तबादलों को दुर्भाग्यपूर्ण क़रार दिया और कहा कि इस फ़ैसले का विपरीत परिणाम सरकार को आगामी चुनाव में भुगतना पड़ेगा।

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