शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिमला जिला के ठियोग तहसील से संबंध रखने वाले संजय भारद्वाज को हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड का डिप्टी-संयोजक (उपाध्यक्ष) नियुक्त किया है।
इस संबंध में हिमाचल प्रदेश आबकारी एवं कराधान विभाग की ओर से शुक्रवार को अधिसूचना जारी की गई।
बता दें, 35 वर्षीय संजय भारद्वाज एक साधारण गैर-राजनीतिक ब्राह्मण परिवार से तालुका रखते हैं।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार में शिमला जिले से पहले ऐसे ब्राह्मण नेता है जिन्हें सरकार में अधिमान दिया गया है।
संजय भारद्वाज की राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई से राजनीति की शुरुआत के पश्चात धीरे-धीरे उनकी नजदीकियां प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से हुई।
राजनीति में लगातार सक्रिय होने के कारण शीघ्र ही वह मुख्यमंत्री के करीबियों में शुमार हो गए और मुख्यमंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए, संजय भारद्वाज को हिमाचल प्रदेश खेल विभाग का अध्यक्ष बना दिया।
2019 में ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रदेश अध्यक्ष के सबसे लंबे व सफल कार्यकाल की समाप्त होने के पश्चात संजय भारद्वाज ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के लगातार संपर्क में रहे और लगातार उनके साथ ही बने रहे।
2020 फरवरी मे ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने संजय भारद्वाज को उस समय के किसान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष नाना पटोले से प्रदेश किसान कांग्रेस का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त करवाया।
2022 दिसंबर में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और 2023 में कर्नाटक में स्थित सेवादल की राष्ट्रीय प्रशिक्षण अकादमी घटप्रभा में 10 दिवसीय शिवर में सेवादल का प्रशिक्षण के बाद संजय भारद्वाज सेवादल युवा ब्रिगेड के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बने।
अप्रैल 2025 में संजय भारद्वाज को नशा निवारण बोर्ड का गैर-सरकारी सदस्य नियुक्त किया गया था, एक बार फिर मुख्यमंत्री ने संजय भारद्वाज को वर्तमान समय की सबसे जटिल समस्या नशा से युवा आबादी को बचाने के लिए सरकार के प्रयास व प्रचार करने की बड़ी जिम्मेदारी संजय भारद्वाज के युवा कंधों पर दी है।
संजय भारद्वाज की मुख्यमंत्री से नजदीकिया का पता इस बात से ही लगता है कि नशा निवारण बोर्ड में डिप्टी-संयोजक (उपाध्यक्ष) के पद का पहली बार गठन किया गया है, इससे पहले इस तरह का पद इस बोर्ड में विद्यमान नहीं था!
