कांगड़ा। राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कांगड़ा जिले के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान शुक्रवार को योल स्थित वेद आश्रम का दौरा किया। उनके आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर, राज्यपाल ने स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य से भेंट की और वर्तमान समय में वेदों की शिक्षाओं के महत्व पर चर्चा की।
उन्होंने वैदिक परंपरा के अनुसार हवन-यज्ञ भी किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने स्वामी जी द्वारा वेद ज्ञान पर दिए गए प्रवचनों को भी ध्यानपूर्वक सुना और आश्रम के आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।
कविंद्र गुप्ता ने स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश-विदेश में वेदों के प्रचार-प्रसार के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में संत एवं आध्यात्मिक गुरु वेदों की शाश्वत ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज जब समाज तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है, तब भारत की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहना भी उतना ही आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि संत समाज में वेद ज्ञान, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक अनुशासन का संदेश फैलाकर मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं।
उनके निस्वार्थ प्रयासों से लोगों को यह समझने में सहायता मिलती है कि वेदों की शिक्षाएं आज के बदलते समय में भी संतुलित, नैतिक और सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने के लिए कितनी प्रासंगिक हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक धरोहर को न भूलें।
उन्होंने कहा कि वैदिक मूल्यों को अपनाने का अर्थ आधुनिकता से दूर होना नहीं है, बल्कि प्राचीन ज्ञान से प्रेरणा लेकर वर्तमान जीवन की चुनौतियों का सामना करना है।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी राम स्वरूप योगाचार्य द्वारा वेद ज्ञान के प्रचार और वैदिक संस्कृति के पुनर्जागरण के लिए किए जा रहे प्रयास मानव समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि वेद आश्रम आने वाली पीढ़ियों को भी इसी प्रकार प्रेरित करता रहेगा।
