नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना–IV (PMGSY‑IV) के अंतर्गत राज्य के लिए स्वीकृति एवं लंबित प्रस्तावों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने अवगत कराया कि PMGSY‑IV के तहत हिमाचल प्रदेश के लिए लगभग 2309 करोड़ (लगभग 2271–2300 करोड़) की कुल परियोजना लागत वाले पैकेज का प्रावधान है, जिसके जरिए राज्य के ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ किया जाएगा।
इस चरण के अंतर्गत राज्य की ओर से 294 सड़क प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनकी कुल लंबाई 1538 किलोमीटर है और जो 250 से अधिक बस्तियों को जोड़ते हुए 429 अब तक असंपर्कित बस्तियों को सड़क सुविधा प्रदान करेंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह पैकेज हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी और दुर्गम ग्रामीण आबादी के लिए सामाजिक–आर्थिक परिवर्तन का बड़ा अवसर है और अनुरोध किया कि केंद्र सरकार इन प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति एवं अनुमोदन प्रदान करे, ताकि योजनाओं को तीव्र गति से धरातल पर उतारा जा सके।
बैठक के दौरान लोक निर्माण मंत्री ने PMGSY‑I के तहत डोडरा क्वार (लरोत–किटरवाड़ी) सड़क के तीन शेष पैकेजों को भी विशेष रूप से उठाया और कहा कि यह क्षेत्र अत्यंत दुर्गम, उच्च ऊँचाई तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला है, अतः योजना औपचारिक रूप से समाप्त होने के बावजूद इन्हें जनहित में सहानुभूतिपूर्वक शामिल किया जाए।
उन्होंने केंद्र से हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों के लिए 76 करोड़ की लंबित राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध भी किया, ताकि परियोजनाओं की गति और तेज की जा सके।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों को लंबित राशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए और डोडरा क्वार सड़क के प्रकरण को सरकार के उपयुक्त स्तर पर उठाने की बात कही।
