शिमला। ऐतिहासिक रिज मैदान पर चल रहे शिमला ग्रीष्मोत्सव में प्राकृतिक खेती व मोटे अनाजों के उत्पादों ने धूम मचाई। प्राकृतिक खेती विधि से से उगाए मोटे अनाजों व फलों से तैयार उत्पादों के प्रति स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने बहुत रुचि दिखाई।
ग्रीष्मोत्सव के दौरान प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की ओर से लगाए गए स्टाल में लोग जमकर मोटे अनाजों का आटा, कुकीज़, कपकेक, देसी गाय का घी खरीदा।
इसके साथ ही उन्होंने बाथू की खीर, मिलेट स्टफ्ड सिड्डू, मिलेट स्वीट्स, मालपूड़े, ओग्ले के पकौड़, कोदे की चाय कोदा सूप, कोदा आइस टी आदि का स्वाद चखा।
ग्रीष्मोत्सव में आदर्श कृषि स्वयं सहायता समूह आनंदपुर, शिव शक्ति समूह, बसंतपुर, भवानी महिला समूह, मशोबरा और लक्ष्मी महिला समूह, मशोबरा की ओर से मिलकर प्राकृतिक खेती उत्पादों और व्यंजनों का स्टॉल लगाया गया।
स्टॉल में मोटे अनाजों के उत्पाद और व्यंजन बेच रहे आदर्श कृषि स्वयं सहायता समूह आनंदपुर की सदस्या गीता ठाकुर ने बताया कि उनके स्टॉल पर लोगों ने विशेष रुचि दिखाई।
न केवल स्थानीय बल्कि बाहरी राज्यों के पर्यटकों ने भी मोटे अनाजों के बारे में जानकारी लेने के साथ इनसे बने व्यंजनों और उत्पादों की खरीददारी की।
भवानी महिला समूह, मशोबरा की सदस्य चंपा देवी ने बताया कि लोगों को मोटे अनाजों के सिड्डू बहुत पसंदआये। उन्होंने बताया कि हमने सोचा नहीं था कि हमारे व्यंजनों और अन्य उत्पादों को इतना सराहा जाएगा। इसलिए हमने पहले दिन थोड़ा ही सामान तैयार किया था लेकिन पहले दिन में हुई बिक्री से हमने अपनी तैयारी दोगुनी कर दी।
प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक नरेश ठाकुर ने कहा कि ग्रीष्मोत्सव के दौरान प्राकृतिक खेती के उत्पादों और मोटे अनाजों के व्यंजनों को लोगों ने बहुत सराहा है। इससे किसान और खासकर महिला समूहों का मनोबल बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि आगे भी योजना की ओर से अन्य स्थानों में लगने वाले मेलों और अन्य आयोजनों में महिला समूहों के साथ मिलकर मोटे अनाजों और प्राकृतिक खेती उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा।
