शिमला। कांग्रेस उपाध्यक्ष विधायक राजेंद्र राणा ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सोलन जिला के निजी बहुचर्चित निजी विश्वविद्यालय मानव भारती में हुए फर्जी डिग्री मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा है कि देश के इतिहास में पहली बार इतना बड़ा फर्जी डिग्री मामला सामने आया है।
प्रदेश सहित देश के 17 राज्यों व विदेशों तक में इसकी डिग्रियां बेची गई हैं। इसमें लाखों नही करोड़ों का लेनदेन हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस उपाध्यक्ष विधायक राजेंद्र राणा ने यहां पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिग्रियां बेचने का फर्जीवाड़ा विदेशों तक हुआ है इसलिए इसकी पूरी जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए।
उन्होंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी को जमानत मिल जाती है और सरकार चुपचाप बैठी है।
उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि सरकार जानबूझकर इस मामले की लीपापोती कर रही है जिससे भाजपा इसमें शामिल अपने आकाओं को बचा सके।
राणा ने कहा कि भाजपा ने 2008 में प्रदेश में अपने शासनकाल के दौरान जिस प्रकार निजी विश्विद्यालय को खोलने की अनुमति दी, उससे इनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह शिक्षा का व्यपारीकरन कर रही है।
उन्होंने कहा कि सोलन जिला में 17 निजी विश्विद्यालय और एक ही पंचायत में 3-3 विश्विद्यालय को खोलने की अनुमति देना इसके पीछे किसी बड़े लेनदेन को साफ इंगित करता है।
राणा ने कहा कि मानव भारती विश्विद्यालय को नियमों के विपरीत जाकर इसे खोलने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि जब यह विश्विद्यालय शर्ते ही पूरी नही करता था तो इसे कैसे अनुमति दी गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा विधानसभा के अंदर और बाहर इसकी जबरदस्त जांच की मांग के बाद एसआईटी ने इसके फर्जीवाड़े को उजागर किया है तो भी सरकार गम्भीर नही है।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने अभी तक इसके बैंक खातों की जांच तक नही की। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जांच की जानी चाहिए कि इनके खातों में कब किस से कितना पैसा आया, किसे दिया गया और कहा गया।