नेरवा, नोविता सूद। आये दिन पेश आने वाली अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए क्षेत्र के लोगों ने सरकार से नेरवा में एक अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की मांग की है। बीते समय में नेरवा एवं आसपास के क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं में करोड़ों की हानि हो चुकी है।
बीते तीन चार सालों में नेरवा बाजार में स्थित तीन दुकानों में अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी हैं जिसमे दुकानदारों का लाखों रुपये का नुक्सान हो चुका है । इसके आलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बीते सालों में दर्जनों अग्निकांड के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमे कई मकान, बागीचे एवं निजी संपत्ति आग की भेंट चढ़ चुकी है।
इन घटनाओं में या तो फायर ब्रिगेड पंहुच ही नहीं पाई अथवा जब तक दमकल विभाग की टीम पंहुची तब तक सब कुछ जल कर नष्ट हो चुका था। यदि नेरवा में अग्निशमन केंद्र होता तो काफी हद तक यह नुक्सान होने से बच सकता था।
तहसील मुख्यालय नेरवा तहसील की एक नगर पंचायत सहित 25 पंचायतों का केंद्र बिंदु है। इसके अलावा बीस किलोमीटर दूर कुपवी उपमंडल की सीमा भी शुरू हो जाती है। यदि नेरवा में अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए तो इसका लाभ नेरवा की दो दर्जन से अधिक पंचायतों के साथ ही कुपवी के कुछ क्षेत्र को भी मिल सकता है।
बता दें कि वर्तमान समय में नेरवा से 26 किलोमीटर दूर उपमंडल मुख्यालय चौपाल में एकमात्र अग्निशमन केंद्र है। यदि नेरवा अथवा आसपास के किसी क्षेत्र में अग्निकांड की घटना पेश आती है तो जब तक चौपाल से फायर ब्रिगेड पंहुचती है तब तक प्रभावित स्थान पर राख के ढेर के सिवा कुछ भी नहीं बचा होता है एवं लोगों की खून पसीने की गाढ़ी कमाई उनकी आँखों के सामने ही राख में तब्दील हो जाती है।
व्यापार मंडल नेरवा,।नगर पंचायत नेरवा, 25 पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं समस्त क्षेत्रवासियों ने सरकार से मांग की है कि नेरवा में शीघ्र अतिशीघ्र अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए ताकि लोगों को अग्निकांड की घटनाओं के समय राहत मिल सके।
