शिमला। भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एसजेवीएन ने अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) के साथ स्ट्रेटेजिक रूप से महत्वपूर्ण क्रॉस– बॉर्डर जलविद्युत उपक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए सोमवार को नेपालमें
900 मेगावाट की अरुण-3 जलविद्युत परियोजना का दौरा किया। यह दौरा भारत और नेपाल के मध्य क्लीन एनर्जी कोलेबोरेशन को तीव्रता से पूर्ण करने के एसजेवीएन
यह दौरा भारत और नेपाल के मध्य क्लीन एनर्जी कोलेबोरेशन को तीव्रता से पूर्ण करने के एसजेवीएन के दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
दौरे के दौरान, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा निदेशक (कार्मिक) ने प्रमुख स्थलों पर परियोजना की गतिविधियों का पूरा जायजा लिया।
फक्सिंडा में, उन्होंने बांध स्थल का निरीक्षण किया, जहाँ गुप्ता ने परियोजना टीम से सुरक्षा, गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्ण करने के सबसे उच्च मानकों को बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने रीजनल क्लीन एनर्जी कोऑपरेशन को सुदृढ़ करने और भावी विद्युत आवश्यकताओं को पूर्ण करनेमें अरुण
-3 परियोजना की महत्ता पर बल दिया।
तत्पश्चात डेलीगेशन ने पुखुवा में विद्युत गृह तथा परियोजना के अन्य प्रमुख घटकों का दौरा किया। परियोजना अधिकारियों ने हाल ही की उपलब्धियों, दुर्गम हिमालयी क्षेत्र एवं मौसम से उत्पन्न चुनौतियों और निरंतरनिर्माण की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए लागू किए जा रहे समाधान के तरीकों पर विस्तृत अपडेट प्रस्तुत किया।
निर्माण की प्रगति को सुनिश्चित करने के लिए लागू किए जा रहे समाधान के तरीकों पर विस्तृत अपडेट प्रस्तुत किया।
गुप्ता ने कठिन हालात में कार्यरत जनशक्ति के समर्पण
एवं मिलकर किए गए कार्यों की सराहना की और परियोजना के शेष माइलस्टोन को पूर्ण करने में निरंतर तीव्रता लाने के निर्देश दिए।
सर्वोत्कृष्ट परियोजना के तौर पर अरुण-3 एचईपी के महत्व के मद्देनजर, उन्होंने कहा कि इसकी कमीशनिंग से भारत और नेपाल दोनों की ऊर्जा सुरक्षा एवं आर्थिक विकास में काफी सहायता मिलेगी।
कमीशनिंग होने पर उत्पादित 900 मेगावाट क्लीन, रिन्यूएबल एनर्जी से क्षेत्रीय सहयोग सुदृढ़ होगा औरपर्यावरणीय रूप से स्थायी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर अजय कुमार शर्मा, निदेशक (कार्मिक) ने भी चुनौतीपूर्ण भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों मेंकार्य कर रही परियोजना टीम की निरंतर प्रयासों की सराहना की। दोनों देशों के लिए परियोजना की रणनीतिक महत्ता पर बल देते हुए
कार्य कर रही परियोजना टीम की निरंतर प्रयासों की सराहना की। दोनों देशों के लिए परियोजना की रणनीतिक महत्ता पर बल देते हुए, उन्होंने परियोजना निर्माण के संपूर्ण चरण में सुरक्षा, अनुशासन तथा टीमवर्क के उच्च मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सभी कार्मिकों को परियोजना टाइमलाइन में पूरा करने के लिए अपने फोकस्ड और कमिटेड प्रयासों को जारी रखने का आह्वान किया।
एसजेवीएन, 900 मेगावाट अरुण–III जलविद्युत परियोजना को अपने पूर्ण स्वामित्व वाली अधीनस्थ कंपनी एसजेवीएन अरुण-3 पावर डेवलपमेंट कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (एसएपीडीसी) के माध्यम नेपाल के संखुवासभा ज़िले में विकसित कर रहा है।
कमीशनिंग पर यह परियोजना 900 मेगावाट क्लीन एनर्जी उत्पादित करेगी और इससे देश की बढ़ती विद्युत की मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाने की संभावना है।
एसएपीडीसी भारत और नेपाल के मध्य एक महत्वपूर्ण कोलेबोरेशन है और इसका उद्देश्य अरुण नदी बेसिन में स्थायी जलविद्युत उत्पादन के माध्यम से क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
