कांग्रेस का मनरेगा बचाव संग्राम जनता को गुमराह करने की नौटंकी : सुरेश कश्यप

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शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा शुरू किए गए तथाकथित मनरेगा बचाव संग्राम पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन जनता की आंखों में धूल झोंकने का असफल प्रयास मात्र है।

कांग्रेस को पहले यह जवाब देना चाहिए कि दशकों तक सत्ता में रहते हुए उसने मजदूरों, किसानों और ग्रामीण गरीबों के लिए क्या किया।

सुरेश कश्यप ने कहा कि आज जिन योजनाओं पर कांग्रेस झूठा श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, उन्हें जमीन पर मजबूती देने का काम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने किया है।

मनरेगा सहित ग्रामीण विकास की योजनाओं में पारदर्शिता, तकनीक और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया गया, जिससे वास्तविक लाभार्थियों तक पैसा पहुंचा।

उन्होंने कांग्रेस नेताओं द्वारा वोट चोरी और रोजगार चोरी जैसे आरोपों को पूरी तरह निराधार और हास्यास्पद बताया। कश्यप ने कहा कि जिनकी राजनीति ही झूठ, भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर टिकी रही हो, उन्हें लोकतंत्र और रोजगार पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बिहार चुनाव को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस की हताशा और बौखलाहट को दर्शाते हैं।

सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस यह बताए कि हिमाचल में जब-जब उसकी सरकार रही, तब मनरेगा मजदूरों को समय पर भुगतान क्यों नहीं मिला, क्यों पंचायतों को वर्षों तक बकाया झेलना पड़ा और क्यों भ्रष्टाचार मनरेगा की पहचान बन गया था।

उन्होंने मनरेगा फंड को लेकर लगाए गए आरोपों पर कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी हिमाचल के साथ भेदभाव नहीं किया, बल्कि राज्य सरकार की वित्तीय कुप्रबंधन, गलत रिपोर्टिंग और उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर न भेजने के कारण स्वयं कांग्रेस सरकार प्रदेश को नुकसान पहुंचा रही है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि योजनाओं के नाम बदलने का रोना रोने वाली कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि नाम से नहीं, काम से जनता को फर्क पड़ता है। भाजपा सरकार ने योजनाओं को केवल नया नाम ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह तथाकथित आंदोलन अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है। हिमाचल की जनता अब कांग्रेस के झूठे नारों और खोखले आंदोलनों को भली-भांति पहचान चुकी है और आने वाले समय में उन्हें इसका करारा जवाब देगी।

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