शिमला। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी आज सुबह आपदा से प्रभावित भरमौर (चंबा) क्षेत्र के अंतिम गाँव कुगती तक पैदल पहुँचे और राहत कार्यों का जायजा लिया।
क्षेत्र में सड़क मार्ग एवं संचार व्यवस्था पूर्ण रूप से बाधित होने के कारण मंत्री ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से प्रशासन व सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखा और ज़मीनी स्थिति की जानकारी साझा की।

यह तस्वीर इस बात का प्रतीक है कि विपरीत परिस्थितियों में भी वे स्वयं मैदान में उतरकर जनता तक राहत पहुँचाने के लिए तत्पर रहते हैं।
सनद रहे राजस्व मंत्री 28 अगस्त को शिमला से चंबा के लिए निकले। 29 अगस्त को चंबा से भरमौर के लिए पैदल निकले। रास्ते मे जगह जगह अवरुद्ध सड़को की बहाली कार्य को गति प्रदान कर मंत्री जगत सिंह नेगी मणिमहेश यात्रियों के साथ उनका दुख बांटते रहे।
शाम को दोनाली में विश्राम कर दूसरे दिन 2:30 पर भरमौर पहुंचे। भरमौर पहुंच कर राहत व पुनर्वास कार्यो की समीक्षा उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर की।
आज सुबह कैलाश में बर्फबारी की खबर मिलते ही राजस्व मंत्री ने खुद ही भरमौर से आगे मणिमहेश की और पैदल निकलने का निर्णय लिया। सुबह 9 बजे के करीब मंत्री जगत सिंह नेगी एडीएम भरमौर के साथ भरमौर के अंतिम गांव कुगति पहुंचे और राहत कार्यो में तेजी लाने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अभी भरमौर क्षेत्र में ही डटे हुए हैं। युद्धस्तर पर राहत व पुनर्वास कार्य भरमौर में चला हुआ है। सरकार के वरिष्ठ मंत्री के इस जज़्बे की सभी श्रदालुओं ने तारीफ की है।
