शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने जॉब ट्रेनी मामले पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को ठगने का एक नया जाल है, नौकरियों का मुद्दा ना उठे इसके लिए यह सरकार के लिए एक साल का जीवनदान है।
बिंदल ने सीधा-सीधा कहा कि कांग्रेस सरकार केवल युवाओं को ठगने और शोषित करने का काम करती है। डॉ बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र और जनतंत्र के इतिहास में शायद कांग्रेस जैसी सरकार ना कभी पहले आई और ना आएगी। पहले यह एक फैसला लेती ही नहीं है और जो फैसला लेती है वह जन विरोधी होता है।
प्रियंका गांधी के वीडियो का किया जिक्र
डॉ बिंदल ने कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी के वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने के लिए युवाओं के लिए एक जाल बिछाया था।
कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की गली कूचे में जा कर कहा था कि प्रदेश में 63000 पद खाली पड़े हैं और हम सत्ता में आते ही 37000 नए पदों का सृजन करेंगे।
इसी के साथ पहली कैबिनेट में आते ही एक लाख पक्की नौकरियां देंगे, वह भी 58 साल वाली। मतलब ना आउटसोर्स ना कॉन्ट्रैक्ट पर, बल्कि 58 साल वाली पक्की नौकरी।
कांग्रेस राज में केवल मित्रों को नौकरियां
बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार में केवल मित्रों को नौकरियां दी जा रही हैं, और किसी को भी नौकरी नहीं दी गई हैं।
वन, पशु, चिकित्सक, मुख्यमंत्री मित्र जैसे शब्द हिमाचल प्रदेश में प्रचलित और प्रसिद्ध हैं और ऐसे ही लोगों को नौकरियां देने का काम चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश की लाइब्रेरी में अनेकों युवा एग्जाम की तैयारी करते हैं पर अगर एग्जाम आते हैं तो वह रद्द हो जाते हैं या उनका परिणाम रुक जाता है।
उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जिन्होंने नौकरी देने वाले संस्थान बंद कर दिए और एक ही अधिसूचना से हिमाचल प्रदेश के 1.50 लाख पदों को समाप्त कर दिया, रोजगार के अवसर एवं साधन भी समाप्त कर दिए। ना आउटसोर्स पॉलिसी बनी ना नौकरी देने का कोई रास्ता खुला।
डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि यह सरकार नए-नए शब्दों का प्रयोग करती है और युवाओं को ठगती है। वर्तमान जॉब ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत पहले लगने के लिए एग्जाम देंगे, फिर 2 साल बाद फिर एग्जाम देंगे।
अनुबंध पर नियुक्ति प्रक्रिया को समाप्त कर दिया। इन कर्मचारियों को ना हिम केयर एवं आयुष्मान भारत का लाभ मिलेगा ना मेडिकल बिल क्लियर होंगे और इन कर्मचारियों की नियुक्ति कौन करेगा, वह भी अभी तक स्पष्ट नहीं है।
इस पॉलिसी को कामयाब बनाने के लिए प्रदेश सरकार के पास कोई भी फार्मूला नहीं है, यह केवल मात्र युवाओं के साथ एक मजाक है।
