मंडी/शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंडी में कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर होने वाले कार्यक्रम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर करारा जवाब दिया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने मंडी में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया कि यह कोई जश्न या उत्सव नहीं, बल्कि जनता को समर्पित जन संकल्प सम्मेलन होगा।
सम्मेलन स्थल, पड्डल मैदान, का निरीक्षण करने के बाद मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं इस कार्यक्रम को यह गौरवशाली नाम दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकार के आगामी दो वर्षों के ‘विकास रोडमैप’ को प्रदेश की जनता के सामने रखना है।
इस भव्य सम्मेलन में 20 हजार से अधिक जनसमूह को एकत्रित करने का लक्ष्य है, जहाँ आपदा से प्रभावित परिवारों को प्रत्यक्ष और ऑनलाइन माध्यम से राहत राशि वितरित की जाएगी।
विपक्ष द्वारा इसे ‘जश्न’ बताए जाने को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से सरकारी आयोजन है और प्रशासन की ओर से भाजपा के सभी विधायकों को भी विनम्रतापूर्वक निमंत्रण भेजा जाएगा, जिसमें शामिल होना या न होना उनका व्यक्तिगत निर्णय होगा।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश में अभी भी आपदा प्रबंधन अधिनियम (डिजास्टर एक्ट) लागू है। इसके बावजूद, सरकार ने प्रशासन के सहयोग से पंचायती राज चुनावों की सूक्ष्म तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली हैं।
उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पंचायत चुनाव अन्य चुनावों के मुकाबले बहुत छोटे स्तर के होते हैं, फिर भी भाजपा इसे हर मंच पर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने में लगी है।
मंत्री ने कहा कि उनके पास अभी 30 जनवरी तक का पर्याप्त समय है और जैसे ही सभी क्षेत्रों में यातायात मार्ग सामान्य होंगे, चुनाव करवा दिए जाएंगे।
इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि मंडी में आयोजित होने वाले जन संकल्प सम्मेलन में आत्मनिर्भर हिमाचल की एक स्पष्ट और प्रेरक झलक देखने को मिलेगी।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में उनकी सरकार ने जो ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लिए हैं, उनसे हिमाचल आज आत्मनिर्भरता की नई ऊँचाइयों की ओर कदम बढ़ा रहा है।
तकनीकी मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस सरकार आने वाले दो सालों का अपना विजन प्रदेश की जनता के सामने रखेगी।
