हिमाचल को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मिली नई पहचान

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ब्रिक्स सीसीआई के साथ ऐतिहासिक समझौता, धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन का प्रस्ताव

शिमला। हिमाचल प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है।

हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 के दौरान BRICS Chamber of Commerce & Industry और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच प्रतिबद्धता ज्ञापन (MoC) पर हस्ताक्षर किया गया। यह ब्रिक्स सीसीआई की किसी भी पर्वतीय राज्य के साथ पहली औपचारिक साझेदारी है।

इस रणनीतिक सहयोग का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में उभारना है। समझौते के तहत राज्य में संयुक्त व्यापारिक कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों का आदानप्रदान, क्षेत्र विशेष संगोष्ठियां और उच्च प्रभाव वाले व्यापार मंच आयोजित किए जाएंगे, जिनका फोकस निवेश सुविधा और व्यापार संवर्धन पर रहेगा।

इस साझेदारी के शुरुआती परिणाम पहले ही सामने चुके हैं। औषधि क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये से अधिक के रूसी निवेश को सफलतापूर्वक सुगम बनाया गया है, जो हिमाचल की बढ़ती औद्योगिक विश्वसनीयता और नवाचारआधारित विनिर्माण क्षमता को दर्शाता है।

भारत द्वारा वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण किए जाने के अवसर पर, “सहयोग और सततता के लिए लचीलापन एवं नवाचार निर्माणविषय के अंतर्गत मार्च
2026
में धर्मशाला में एक अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों सहित अन्य साझेदार अर्थव्यवस्थाओं के उद्योग जगत, निवेशक और व्यापार संगठन भाग लेंगे।

सम्मेलन के दौरान सहनिवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, आपूर्ति श्रृंखला सहयोग और निर्यात बाजारों तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। औषधि उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, हरित परिवहन,

नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन एवं आतिथ्य, वस्त्रहथकरघा,

सूचना एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाएं तथा कृषि मूल्य श्रृंखलाएं प्राथमिक क्षेत्र होंगी।

ब्रिक्स सीसीआई अध्यक्ष, हरवंश चावला ने कहा कि

हिमाचल प्रदेश प्रतिस्पर्धात्मकता और सतत विकास का दुर्लभ संतुलन प्रस्तुत करता है। धर्मशाला में प्रस्तावित व्यापार सम्मेलन वैश्विक निवेश को धरातल पर उतारने में उत्प्रेरक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि यह साझेदारी

वैश्विक पूंजी, प्रौद्योगिकी और बाजारों के नए द्वार खोलेगी। हिमाचल एक स्थिर, हरित और भविष्यतैयार

निवेश गंतव्य के रूप में उभरेगा।

मुख्य तथ्य

  • ब्रिक्स सीसीआई की किसी पर्वतीय राज्य के साथ पहली औपचारिक साझेदारी
  • फार्मा सेक्टर में 500 करोड़ रुपये से अधिक का रूसी निवेश
  • मार्च 2026 में धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन प्रस्तावित

हिमाचल को क्या मिलेगा?

  • वैश्विक निवेशकों तक सीधी पहुंच
  • एमएसएमई और स्थानीय उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय
    बाजार
  • प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और नवाचार को बढ़ावा
  • हरित और सतत विकास की दिशा में तेज़ प्रगति

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