हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों का जबरन वेतन काटे जाने को लेकर सुजानपुर के विधायक व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेंद्र राणा ने तल्ख तेवर अपनाए हैं। उन्होंने कहा डबल इंजन की सरकार भी अब खजाना खाली होने की दुहाई देकर कर्मचारियों का शोषण करने में जुट गई है।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पिछले सवा साल से कर्मचारियों के भत्तों पर कुंडली मारकर बैठी भाजपा सरकार ने कोविड-19 महामारी की लड़ाई में देश में स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने में पैसे खर्च करने की बजाय पार्टी के आलीशान भवन खड़े करने और विधायकों व सांसदों की खरीद-फरोख्त में ही अपना समय गुजार दिया और अब जबकि स्थिति बद से बदतर हो गई है तो महंगाई की चक्की में बुरी तरह हांफ रही जनता के साथ साथ सरकारी कर्मचारियों की जेब में भी डाका डालना शुरू कर दिया है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि अस्पतालों में मरीज आज ऑक्सीजन और दवाइयों के अभाव में मर रहे हैं और जनता के प्राणों की रक्षा करने की बजाय अभी भी भाजपा नेता भाषण झाड़ने में लगे हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि दुनिया के दूसरे देश कोविड-19 के साथ पूरी तैयारी और प्लानिंग के साथ लड़ रहे हैं लेकिन मोदी सरकार खुद वेंटिलेटर पर चली गई है।
उन्होंने कहा डबल इंजन सरकार की दुहाई देने वाले प्रदेश के भाजपा नेता भी कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय पर अपने होंठ सिल कर बैठ गए हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की यह पहली सरकार है जो जबरन अपने कर्मचारियों की सैलरी काटने में लगी है और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी बख्शा नहीं गया है।
उन्होंने कहा सरकार अपने खर्चों पर अंकुश लगाने के बजाय कर्मचारियों की सैलरी काट कर कर्मचारी विरोधी रवैया का सबूत दे रही है, जिसका खामियाजा भाजपा को मंडी संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव व फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा डबल इंजन की इस सरकार में विकास भी ठप पड़ा है और जनता भी त्राहि-त्राहि कर रही है।
