हमीरपुर। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि कांग्रेस विधायकों को यह भली-भांति एहसास हो चुका है कि अब उनकी राह विपक्षी बेंचों की ओर है।
यही कारण है कि अपनी ही सरकार होते हुए भी वे विधानसभा के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, जैसे मानो विपक्ष की भूमिका की रिहर्सल चल रही हो।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि कोरम पूरा न होने पर विधानसभा अध्यक्ष को सदन स्थगित करना पड़ा, जो हिमाचल के इतिहास में अनोखी स्थिति है, सत्ता पक्ष का ही विरोध में खड़ा होना। इससे सरकार के साथ पूरा प्रदेश शर्मसार हुआ है और जनता के पैसे का भी दुरुपयोग हुआ है।
राजेंद्र राणा ने आगे कहा कि अब राज्यपाल से विनम्र आग्रह है कि जब कांग्रेस विधायक विपक्ष में बैठने को इतने आतुर हैं, तो विधानसभा को भंग कर उनकी भावना का सम्मान किया जाए।
सत्ता में रहकर भी नारेबाज़ी कर कांग्रेस विधायकों ने सिद्ध कर दिया कि प्रदेश की सरकार उनकी उम्मीदों पर खड़ी नहीं उतर रही और सरकार चलाना अब उनके वश की बात नहीं। जनता का हित और विकास कार्य दोनों ठप पड़े हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आपदा का बहाना बनाकर पंचायत चुनाव टाल रही है, जबकि अपने तीन वर्ष के कार्यकाल का जश्न धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही है। जनता दुख में है, लेकिन सरकार आपदा राहत के पैसों से जश्न को चमकाने में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह कार्यक्रम जनता के दर्द को साझा करने के लिए है या स्वयं की खुशियां मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार आपदा को भी अवसर व प्रचार सामग्री की तरह उपयोग कर रही है और हर स्थिति में राजनीतिक फायदे तलाश रही है।
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