शिमला। थुनाग में आई भयंकर आपदा में सरकार ने वहां स्थित हॉर्टिकल्चर कॉलेज को सुंदरनगर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था अभी वैकल्पिक तौर पर की जाएगी। यह जानकारी हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने यहां आयोजित एक पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि वहां अभी लगभग 300 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं जिनमें से ज्यादा स्टूडेंट पीजी या किराए के मकान में रह रहे थे। यही कारण रहा कि विद्यार्थी इस आपदा की चपेट में आने से बच गए।
उन्होंने कहा कि अभी कॉलेज का अपना परिसर नहीं है और यहां वहां क्लासेज लगाई जा रही हैं। वहीं थुनाग में 60 लड़कियों के लिए होस्टल की व्यवस्था है। कॉलेज प्रशासन ने अभी 14 जुलाई तक छुट्टियां घोषित की हैं पर बच्चे और उनके परिजन सीएम से मिले और कहा कि वहां पढ़ना रहना अभी सुरक्षित नहीं है।
सरकार ने भी महसूस किया कि थुनाग कॉलेज को वहीं आगे चलाना संभव नहीं है इसलिए सरकार ने थुनाग से कॉलेज सुंदरनगर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
नेगी ने कहा कि परीक्षाओं की तैयारियों के लिए विद्यार्थियों को एक्स्ट्रा टाइम दिया जाएगा, साथ ही नई ऐडमिशनस भी की जाएंगी। साथ ही बच्चों को रिलीफ मैन्युअल के हिसाब से आर्थिक सहायता दी जाएगी।
राजस्व मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल से भेदभाव कर रही है। 2023 में पीडीएनए में 10000 करोड़ का नुकसान आंका गया था पर हिमाचल को सिर्फ 2006 करोड़ ही मिला है जिसमें भी 25 प्रतिशत प्रदेश को देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2023 के नुकसान का पैसा अब मिल रहा है वो भी इतना कम।
नेगी ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा भी बोल रहे हैं कि बहुत नुकसान हुआ है लेकिन फिर भी हिमाचल से भेदभाव किया जा रहा है।
नेगी ने कहा कि मंडी में आई आपदा के बाद अब नेता प्रतिपक्ष जयराम सीएम सुक्खू के साथ दिल्ली जाने को तैयार हो गए है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देर आये दुरस्त आये, क्योंकि पहले भी 2023 में इसी बात के लिए हमने बोला था तब वह तैयार नहीं हुए थे। पर अब जब खुद पर आई तब दर्द महसूस हुआ।
कंगना पर पूछे सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री ने कहा कि कंगना को मजा राजनीति में नही सिर्फ बॉलीवुड में आएगा क्योंकि वहां स्क्रिप्ट तैयार मिलती है। उन्होंने सलाह दी कि कंगना को इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि कोई और काबिल व्यक्ति इस सीट से चुन कर आ सके।
उन्होंने कहा कि आपदा से नुकसान दिन प्रति दिन बढ़ रहा है। लोगों के खेत, खलियान व मकान बह गए हैं या टूट गए हैं।
हिमाचल में सीएम लगातार मौके पर जा रहे हैं। सीएम द्वारा स्पेशल राहत पैकेज की घोषणा की गई है जबकि केंद्र से सारे नुकसान का सिर्फ 1,30000 ही मिलता है। मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी 2 लाख मिलते हैं जबकि हिमाचल सरकार 7 लाख रुपये दे रही है।
उन्होंने भाजपा सांसद कंगना से आग्रह किया कि वह रिलीफ मैन्युअल में बदलाव करवाएं ताकि लोगो को अधिक राहत राशि मिल सके।
