हमीरपुर। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में राजीव गांधी वन संवर्धन योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नादौन के दो महिला मंडलों अमलैहड़ व भवड़ां को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
यह दोनों महिला मंडल दो-दो हेक्टेयर वन भूमि पर पौधरोपण करेंगे और पांच वर्षों तक इनकी देखभाल भी सुनिश्चित करेंगे। इस योजना के तहत बंजर और क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों में फलदार पौधों का रोपण कर हरित आवरण बढ़ाया जाएगा।

इस योजना से महिला मंडलों, युवक मंडलों और स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर लोगों को रोज़गार और आय के अवसर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्रीन एडॉप्शन योजना का शुभारम्भ किया। पहले चरण में अंबुजा कंपनी 25 हेक्टेयर, अडानी फाउंडेशन 10 हेक्टेयर तथा अल्ट्राटेक 10 हेक्टेयर भूमि पर पौधरोपण कर उनकी देखभाल सुनिश्चित करेंगे, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपे।

इस योजना के तहत निजी उद्यम, कंपनियां और गैर-सरकारी संगठन बंजर वन भूमि को गोद लेकर पौधरोपण करेंगे। यह योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कंपनियों को कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी प्रदान करती है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त वन मित्रों की पासिंग परेड का निरीक्षण किया और उनके साथ संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वन विभाग में फील्ड स्टाफ की कमी थी, जिससे वन संरक्षण में बाधा आ रही थी। इसलिए मेरिट के आधार पर वन मित्रों की नियुक्ति की गई है और इसमें बेटियां नौकरियां प्राप्त करने में आगे निकल गई।
आप निश्चिंत रहिए, आपकी भविष्य की नीति पर विचार किया जाएगा। आप ही वनों के सच्चे संरक्षक हैं। राज्य सरकार ने पुलिस भर्ती में भी महिलाओं के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया है।
लाहौल-स्पीति में उपायुक्त से लेकर सभी प्रशासनिक अधिकारी महिलाएं हैं और फैसले लेने का अधिकार उन्हें दिया गया है।’’
ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ‘देवभूमि’ के नाम से जाना जाता है। हमारी यह पवित्र भूमि न केवल संस्कृति और आस्था का केंद्र है, बल्कि प्रकृति ने अनेक उपहार दिए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की वन संपदा पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी अर्थव्यवस्था और पर्यटन के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं।
वनों के महत्त्व को देखते हुए हमारी सरकार ने सत्ता की बागडोर संभालते ही हिमाचल प्रदेश को ग्रीन राज्य बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा मंे वन विभाग द्वारा अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की जा रही हैं। प्रदेश सरकार की वन मित्र योजना इन्हीं सफल योजनाओं में से एक है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को रोज़गार देना और आम लोगों तक वन विभाग की योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा वन संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करना ही वन मित्र योजना का उद्देश्य है।
उन्होंने वन मित्रों से केवल वनों की सुरक्षा तक सीमित न रहकर ग्रामीण समुदायों को वनों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि प्रदेश में वनों को बचाया जा सके।
