शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र कल से शुरू होने जा रहा है। सत्र के दौरान सुरक्षा, कानून व्यवस्था तथा कार्यवाही के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस शिमला द्वारा जिला प्रशासन, गुप्तचर विभाग, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक एवं बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
विधानसभा बजट सत्र के दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं का समन्वय और संचालन अंजुम आरा, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, दक्षिण खंड शिमला की देखरेख में रहेगा।
विधानसभा सत्र के दौरान संभावित धरना-प्रदर्शन, रैली तथा अन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा परिसर तथा आसपास के क्षेत्र को चार पुलिस सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
प्रत्येक सेक्टर में राजपत्रित पुलिस अधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिनकी निगरानी में पुलिस बल अपनी ड्यूटी का प्रभावी ढंग से निर्वहन करेगा।
पुलिस उपमहानिरीक्षक दक्षिण खंड शिमला तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला द्वारा सभी तैनात अधिकारियों एवं जवानों को ड्यूटी, सतर्कता तथा आपात स्थिति से निपटने के संबंध में विस्तृत ब्रीफिंग दी गई है।
14 फरवरी से ही शहर के संवेदनशील स्थानों तथा विभिन्न नाका बिंदुओं पर पुलिस बल को 24×7 तैनात कर दिया गया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा के लिए 15
राजपत्रित अधिकारी, 30 अराजपत्रित अधिकारी (एनजीओ), 66 मुख्य आरक्षी, 375 आरक्षी, 47 महिला आरक्षी, 16 कम्युनिकेशन स्टाफ और 200 होमगार्ड जवान तैनात रहेंगे।
क्विक रिएक्शन टीम (QRT), विशेष सुरक्षा इकाई (SSU) तथा अन्य विशेष दलों के कुल 75 प्रशिक्षित कमांडो विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे।
872 पुलिस कर्मी और होम गार्ड बल के अतिरिक्त खुफिया जानकारी एकत्र करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग की विशेष शाखा (राज्य अन्वेषण विभाग) के कर्मचारी सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे।
शिमला शहर में यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए एक राजपत्रित अधिकारी के पर्यवेक्षण में ट्रैफिक पुलिस के अतिरिक्त 50 पुलिस जवान तथा 30 होमगार्ड कर्मियों की तैनाती की गई है।
सत्र के दौरान सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों को पूर्ण रूप से सक्रिय किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर डिजिटल वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी तथा ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा शहर को पांच प्रशासनिक सेक्टरों में विभाजित किया गया है। उपायुक्त शिमला की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा आगंतुकों से अपील की है कि सुरक्षा जांच में सहयोग करें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
शिमला पुलिस विधानसभा बजट सत्र के शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
