नई दिल्ली। भारत के पसंदीदा स्नैक और पैकेज्ड फूड निर्माता ब्रांड बिकानो ने भुजिया निर्माण में अपनी स्थिति को मजबूत करने और भुजिया स्पेशलिस्ट के रूप में बाजार में अपनी स्थिति को बढ़ाने के लिए ‘हम से बेहतर भुजिया को जाने कौन’ नाम से भुजिया अभियान शुरू किया है।
भारत में नमकीन और स्नैक्स का बाजार लगभग 35,000 करोड़ रुपये का है और हाल के दिनों में इसमें काफी वृद्धि देखी जा रही है और इसका विस्तार जारी है।
भुजिया, सेव और मिक्सचर जैसे पारंपरिक स्नैक्स की बढ़ती बिक्री ने इस क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसी बढ़ते ट्रेंड को बनाए रखने के लिए बिकानो ने एक लक्ष्य निर्धारित किया है कि नए वितरण (डिस्ट्रीब्युशन) चैनलों को अमल में ला करके और वितरण के अपने मौजूदा चैनलों को मजबूत करके बाजार में अपनी उपस्थिति को और भी ज्यादा मजबूत बनाना है।

बिकानो के डायरेक्टर मनीष अग्रवाल ने भुजिया अभियान के उद्देश और इसके क्रियान्वयन के बारे में बताते हुए कहा, “भुजिया देश के विभिन्न हिस्सों में बनाई जाती है हालाँकि सामान्य भुजिया, जो बेसन से बनाई जाती है, की तुलना में बीकानेरी भुजिया पिसे हुए मोठ दाल से तैयार की जाती है।
असली बीकानेरी भुजिया से हमारा लक्ष्य है कि हम नए बिक्री और डिस्ट्रीब्युशन चैनलों को उपयोग में ला करके ब्रांड द्वारा पेश किये जा रहे उत्पादों में बढ़ोत्तरी की जाए। हम डिजिटल और अन्य चलन में रहने वाले प्रचार के माध्यम से बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करेंगे और बाजार की ज्यादा हिस्सेदारी पर कब्जा करेंगे।
भुजिया उन उत्पादों में से एक है जो शुरू से ही बिकानो की पाक विरासत का हिस्सा रहा है। भुजिया और सेव श्रेणी की बाजार हिस्सेदारी भारत में पारंपरिक स्नैक्स बाजार का 25% है और हम भुजिया श्रेणी में बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।”
अग्रवाल ने भुजिया के बाजार के बारे में कहा, “भुजिया की मांग न केवल घरेलू बाजारो में है बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी भुजिया की मांग है। भुजिया को वर्तमान में हमारे सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों जैसे अमेरिका, कनाडा, यूरोप, खाड़ी देशों, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में निर्यात किया जाता है।”
भुजिया अभियान के बारे में अपनी राय रखते हुए बिकानो के मार्केटिंग हेड दविंदर पाल ने कहा, “हल्के पीले रंग की बनावट, कुरकुरेपन और असली बीकानेरी स्वाद से बीकानेरी भुजिया की पहचान होती है। यह हर आयु वर्ग के लोगों को पसंद है।
बीकानेर में हम बीकानेर की भावना को आत्मसात करते हैं जो भारतीय संस्कृति के सच्चे स्वाद को दर्शाता है। कुरकुरे, चटपटे स्वाद के साथ मसालेदार स्वाद हमारे बीकानेरी और आलू भुजिया को दिन के किसी भी समय खाया जा सकता हैं।
‘हमसे बेहतर भुजिया को जाने कौन’, टैगलाइन से हम भुजिया निर्माण में बिकानो का दबदबा कायम करना चाहते है और बाजार में भुजिया स्पेशलिस्ट का नाम कमाना चाहते हैं। भुजिया हमारी विरासत रही है और हमारे ब्रांड की स्वच्छता और स्वाद के साथ निरंतरता बनाये रखने से हम अपने अन्य भुजिया प्रतिस्पर्धियों से अलग नज़र आते है।”
पाल ने आगे कहा, “अभियान को सभी चैनलों में शुरू करने की योजना है और हम अपने संरक्षकों के साथ संवाद करने के लिए सभी एटीएल और बीटीएल गतिविधियों का उपयोग करेंगे।
आलू भुजिया और बीकानेरी भुजिया हमारे लिए नमकीन सेगमेंट में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं में से हैं। साथ ही वर्तमान स्थिति को देखते हुए हम एक ब्रांड के रूप में पूरी तरह से मूल्य निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो हमें बाजार में फलने-फूलने में मदद करेगा।
हम अपने भुजिया पोर्टफोलियो का भी विस्तार कर रहे हैं। हाल ही में हमने अलग स्वाद वाला एक नया आलू भुजिया लेमन चास्का लॉन्च किया है।”
भुजिया की व्यापक संभव उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बीकानेरी भुजिया और आलू भुजिया को कंपनी के सामान्य और आधुनिक व्यापार नेटवर्क में स्टॉक किया गया है।
यह उत्पाद कई पैकेजिंग और कीमतों में उपलब्ध हैं। भुजिया 5 रूपये के पैक से लेकर 1 किलो के पैक में भी आती है।
