भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में होगा अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल विचार-गोष्ठी का आयोजन

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शिमला। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (एडवांस्ड स्टडी) द्वारा शॉनी स्टेट यूनिवर्सिटी, ओहियो के सहयोग से 15-16 जुलाई को ‘हिस्ट्री ऑफ इंडिया- थ्योरी, मैथड्स, प्रैक्टिस’ विषय पर अंतर्राष्ट्रीय वर्चुअल विचार-गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।

इस संगोष्ठी में भारतीय इतिहास के सिद्धांतों, विधियों व उसके व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। साथ ही साम्राज्यवादी इतिहास से पूर्व भारतीय इतिहास की खामियों पर भी प्रकाश डाला जाएगा जोकि प्रारंभिक, द्वितीय सहस्राब्दी, कला, मानवशास्त्रीय और भारत-इस्लामिक इतिहास पर केन्द्रित रहेगा।

उल्लेखनीय है कि भारतीय इतिहास लेखन की नींव औपनिवेशिक काल के दौरान रखी गई, जो आजादी के बाद भी भारत के इतिहास पर हावी रही, क्योंकि भारत आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा है, ऐसे में भारतीय इतिहास की आलोचनात्मक समीक्षा करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से संस्थान द्वारा इस वर्चुअल संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर मकरंद आर परांजपे इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करेंगे। परिचयात्मक टिप्पणी शॉनी स्टेट यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर लावण्य वैमसानी द्वारा प्रस्तुत की जाएगी जोकि संगोष्ठी की संयोजक भी हैं । कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर दिलीप चक्रवर्ती बीज भाषण प्रस्तुत करेंगे।

संस्थान के जन-संपर्क अधिकारी अखिलेश पाठक ने बताया कि वक्ताओं के क्रम में प्रोफेसर वैंकटा आर, डॉ नालिनी राव, डॉ डी पटेल, डॉ आंद्रे विंक, प्रोफेसर पंकज जैन, डॉ एस. मुखर्जी व डॉ. शोनालीका कौल प्रमुख विद्वान हैं।

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