पं0 दीनदयाल उपाध्याय व डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मिलकर की भारतीय जनसंघ की स्थापना : बिंदल

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शिमला। डाॅ राजीव बिन्दल, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा ने कहा कि डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर हिमाचल प्रदेश के 8007 बूथों पर बूथ चौपाल की जा रही है।

इसमें आज डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए उनके द्वारा दिए गए बलिदान को स्मरण किया जाएगा और नरेन्द्र मोदी सरकार के 11 वर्ष गरीब कल्याण के और देश के विकास के लिए समर्पित, इन विषयों पर चर्चा की जाएगी।

सिरमौर जिला के जमटा में बूथ चौपाल में बोलते हुए डाॅ बिन्दल ने कहा कि डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी अत्यंत मेधावी व्यक्तित्व के धनी थे और 35 वर्ष की आयु में वो वाईस चांसलर बन गए थे।

अंग्रेजों की राज सत्ता में बहुत बड़ी-बड़ी डिग्रियां प्राप्त करके वाईस चांसलर का पद प्राप्त करने वाले उस समय के वो पहले भारतीय थे।

डाॅ बिन्दल ने कहा कि गांधी जी के कहने पर डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नेहरू जी की प्रथम सरकार में मंत्री पद दिया गया। अपनी विद्वता और राष्ट्रभक्ति के लिए जाने, जाने वाले डाॅ मुखर्जी नेहरू की कार्यशैली से खिन्न होकर मंत्री मण्डल से त्यागपत्र देकर बाहर आ गए।

पं दीनदयाल उपाध्याय व डाॅ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मिलकर भारतीय जनसंघ की स्थापना की जो आज वटवृक्ष की तरह भारतीय जनता पार्टी के रूप में विद्यमान है।

डाॅ मुखर्जी कश्मीर में दो विधान, दो निशान, दो संविधान के पूरी तरह खिलाफ थे और एक राष्ट्र, एक निशान, एक संविधान को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन जनसंघ ने उनके नेतृत्व में खड़ा किया।

जम्मू-कश्मीर में प्रवेश पर लगने वाले परमिट का उल्लंघन करते हुए उनकी गिरफ्तारी हुई और कश्मीर की जेल में ही रहस्यमयी स्थितियों में उनका बलिदान हुआ।

नरेन्द्र भाई मोदी के प्रयासों से डाॅ मुखर्जी का बलिदान कामयाब हुआ, जब एक देश, एक निशान लागू हुआ, धारा 370 समाप्त हुई, 35 ए समाप्त हुई। उन्होनें कहा कि देश के लिए डाॅ. मुखर्जी का सर्वोच्च बलिदान सदा स्मरण किया जाएगा।

इस मौके पर बोलते हुए डाॅ बिन्दल ने कहा कि मोदी सरकार ने 11 वर्षों में भारत की स्थिति को अमूल-चूल बदला है। 11 वर्ष की विकास गाथा अंतोत्गत्वा 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पूरा करेगी।

डाॅ बिन्दल ने प्रदेश की वर्तमान सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार हिमाचल प्रदेश को लगातार करोड़ों-करोड़ों रूपये विकास कार्यों के लिए और आपदा प्रबंधन के लिए दे रही है परन्तु प्रदेश की सरकार केन्द्र द्वारा दिए गए धन का दुरूपयोग कर रही है।

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