अमावस्या के दिन भूल कर भी ना करें यह काम, लग सकता है ब्रह्महत्या का पाप

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आज का हिन्दू पंचांग

दिनांक – 01 जनवरी 2022

दिन – शनिवार

विक्रम संवत – 2078

शक संवत -1943

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शिशिर

मास – पौस (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार मार्गशीर्ष मास)

पक्ष – कृष्ण

तिथि – त्रयोदशी सुबह 07:17 तक तत्पश्चात चतुर्दशी

नक्षत्र – जेष्ठा शाम 07:18 तक तत्पश्चात मूल

योग – गण्ड दोपहर 01:56 तक तत्पश्चात वृद्धि

राहुकाल – सुबह 09:59 से सुबह 11:21 तक

सूर्योदय – 07:17

सूर्यास्त – 18:07

दिशाशूल – पूर्व दिशा में

व्रत पर्व विवरण – मासिक शिवरात्रि

विशेष

त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

नकारात्मक ऊर्जा मिटाने के लिए

2 जनवरी 2022 रविवार को अमावस्या है।

घर में हर अमावस अथवा हर १५ दिन में पानी में खड़ा नमक (१ लीटर पानी में ५० ग्राम खड़ा नमक) डालकर पोछा लगायें । इससे नेगेटिव एनेर्जी चली जाएगी अथवा खड़ा नमक के स्थान पर गौझरण अर्क भी डाल सकते हैं ।
अमावस्या

अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है (विष्णु पुराण)

धन-धान्य व सुख-संम्पदा के लिए

हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें।

सामग्री :

१. काले तिल, २. जौं, ३. चावल, ४. गाय का घी, ५. चंदन पाउडर, ६. गूगल, ७. गुड़, ८. देशी कर्पूर, गौ चंदन या कण्डा।

विधि:

गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें, फिर उपरोक्त ८ वस्तुओं के मिश्रण से तैयार सामग्री से, घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर नीचे दिये गये देवताओं की १-१ आहुति दें।

आहुति मंत्र

१. ॐ कुल देवताभ्यो नमः

२. ॐ ग्राम देवताभ्यो नमः

३. ॐ ग्रह देवताभ्यो नमः

ॐ लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः

५. ॐ विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः

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