शुभ् विक्रम् संवत् – 2079 नल,
शालिवाहन् शक् संवत् – 1944 शुभकृत,
मास- (अमावस्यांत) – मार्गशीर्ष माह,
पक्ष- शुक्ल, (पूर्णिमांत) मार्गशीर्ष माह,
तिथि- षष्ठी 11:03:54, बाद-सप्तमी,
दिन- मङ्गलवार, सूर्य प्रविष्टे 14 मार्गशीर्ष गते,
नक्षत्र- श्रवण 08:37:09, बाद-धनिष्ठा,
योग- ध्रुव 14:51:30, बाद-व्याघात,
करण- तैतुल 11:03:54, बाद-गर,
सूर्य- वृश्चिक राशिगत,
चंद्र- मकर 19:50:24, बाद-कुम्भ राशिगत,
ऋतु- हेमंत, अयन – दक्षिणायन,
सूर्योदय- 06:56:00,
सूर्यास्त- 17:22:35,
दिन काल- 10:26:34,
रात्री काल- 13:34:12,
चंद्रोदय- 12:09:07,
चंद्रास्त- 23:07:30,
राहू काल- 14:46 – 16:04 अशुभ,
यम घंटा- 09:33 – 10:51 अशुभ,
अभिजित – 11:48 – 12:30 शुभ,
पंचक- 19:50 से अहोरात्र अशुभ,
दिशा शूल – उत्तर दिशा अशुभ,
दिशा शूल शुभ हेतु :- आज मङ्गलवार के दिन धनिया खा कर घर से बाहर जायें, शुभ रहेगा।
विशेष :- आज षष्ठी तिथि के दिन नीम की दातून, फल या पत्ती मुँह में डालने से नीच योनी की प्राप्ति होती है। सप्तमी तिथि के दिन ताड़ का फल खाने से कलंक लगता है।
(ब्रह्मवैवर्त-पुराण : ब्रह्म-खण्ड),
दिन की चौघड़ियाँ :
चर- 09:33 – 10:51,
लाभ- 10:51 – 12:09,
अमृत- 12:09 – 13:28,
शुभ- 14:46 – 16:04,
रात्री की चौघड़ियाँ
लाभ- 19:04 – 20:46,
शुभ- 22:28 – 24:10*,
अमृत- 24:10* – 25:51*,
चर- 25:51* – 27:33*,
किस ‘होरा’ में कौन सा कार्य करना श्रेयस्कर होता है :
1. सूर्य –
माणिक्य धारण करना, सरकारी नौकरी हेतु आवेदन या पदभार ग्रहण, समस्त सरकारी कार्य, चुनाव व राजनीति संबंधी कार्य करें।
2. चंद्र –
मोती धारण करना, यह होरा समस्त कार्यों के लिए शुभ होती है।
3. मंगल –
मूंगा व लहसुनिया धारण करना, कर्ज देना, न्यायालय, पुलिस, सेना आदि से संबंधित कार्य, प्रशासनिक कार्य, मकान खरीदना चाहिये।
4. बुध –
पन्ना धारण करना, व्यापार संबंधी कार्य, लेखा संबंधी कार्य, बैंक संबंधी कार्य, विद्यारम्भ, शिक्षा संबंधी कार्य करें।
5. गुरु –
पुखराज धारण करना, उच्च अधिकारियों से भेंट, विवाह संबंधी कार्य, वस्त्र खरीदना इत्यादि करें।
6. शुक्र –
हीरा धारण करना, आभूषण क्रय करना चहिये, सोने-चांदी का व्यापार, ललित कला संबंधी कार्य, नवीन वस्त्र धारण करना व अन्य वैभव विलासिता संबंधी कार्य करें।
7. शनि –
नीलम व गोमेद धारण करना, गृहारम्भ करना, कारखानें स्थापित करना, लोहा-मशीनरी संबंधी कार्य, वाहन क्रय करना, न्यायालय संबंधी कार्य, कृषि कार्य, तेल संबंधी कार्य करें।
दिन का होरा चक्र
मंगल- 06:56 – 07:48,
सूर्य- 07:48 – 08:40,
शुक्र- 08:40 – 09:33,
बुध- 09:33 – 10:25,
चन्द्र- 10:25 – 11:17,
शनि- 11:17 – 12:09,
बृहस्पति- 12:09 – 13:02,
मंगल- 13:02 – 13:54,
सूर्य- 13:54 – 14:46,
शुक्र- 14:46 – 15:38,
बुध- 15:38 – 16:30,
चन्द्र- 16:30 – 17:23,
रात्री का होरा चक्र
शनि- 17:23 – 18:30,
बृहस्पति- 18:30 – 19:38,
मंगल- 19:38 – 20:46,
सूर्य- 20:46 – 21:54,
शुक्र- 21:54 – 23:02,
बुध- 23:02 – 24:10*,
चन्द्र- 24:10* – 25:18*,
शनि- 25:18* – 26:25*,
बृहस्पति- 26:25* – 27:33*,
मंगल- 27:33* – 28:41*,
सूर्य- 28:41* – 29:49*,
शुक्र- 29:49* – 30:57*,
(पञ्चाङ्ग-इंद्रप्रस्थ-“दिल्ली”-समयानुसार),
