दिनांक – 26 जुलाई 2022
दिन – मंगलवार
विक्रम संवत – 2079 (गुजरात-2078)
शक संवत -1944
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा ऋतु
मास -श्रावण (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार आषाढ़)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – त्रयोदशी शाम 06:47 तक तत्पश्चात चतुर्दशी
नक्षत्र – आर्द्रा 27 जुलाई प्रातः04:09 तक तत्पश्चात पुनर्वसु
योग – व्याघात शाम 04:08 तक तत्पश्चात हर्षण
राहुकाल – शाम 04:03 से शाम 05:42 तक
सूर्योदय – 06:11
सूर्यास्त – 19:19
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
व्रत पर्व विवरण – मासिक शिवरात्रि, चतुर्दशी-आर्द्रा योग (शाम 06:48 से 27 जुलाई प्रातः 04:09 तक)
विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा
आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 26 जुलाई 2022 को शाम 06:48 से 27 जुलाई प्रातः 04:09 तक) प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है।
