शिमला। हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के डिप्टी संयोजक संजय भारद्वाज ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के 3 साल कार्यकाल में हुए 15 अद्भुत कार्यों पर प्रकाश डाला।
संजय भारद्वाज ने कहा कि सीएम सुक्खू की सरकार का 3 साल का कार्यकाल बेमिसाल साल रहा है।
भारद्वाज ने सरकार के अद्भुत 15 कार्यों के बारे कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में 1.36 लाख कर्मियों को ओपीएस दी।
2. प्रदेश की 2.84 लाख महिलाएं, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य पेंशनर महिलाओं को जोड़कर व कुछ नई महिलाओं को 1500 प्रति माह पेंशन दी जा रही है।
3. प्रदेश के लगभग 15,000 कमरों रेस्ट हाउस, सर्किट हाउस, हिमाचल सदन, हिमाचल भवन दिल्ली और चंडीगढ़ की ऑनलाइन बुकिंग से आम जनता को सीधा लाभ प्राप्त हुआ और किराया वृद्धि से सरकार को भी लाभ हुआ।
4. प्रदेश के लगभग 40 हजार परिवारों को दूध के मूल्य पर वृद्धि दी गयी है। गाय का दूध 28 से बढ़कर 51 रुपए और भैंस का दूध 47 रुपए से बढ़कर 61 रुपए में खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और किसान परिवार भी आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
5. मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट में 1,24,800 कब्जाधारियों की लड़ाई लड़ रहे हैं, ताकि ऐसे लोग बेघर न हों।
6. 6,000 बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ़ स्टेट का दर्जा देकर उनके सारे खर्चे सरकार उठा रही है, जिससे अनाथ हो चुके बच्चों की जिंदगी में भी सुधार हो रहा है।
7. प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश के अपने निजी संसाधनों का विकास किया जा रहा है।
वाइल्ड फ्लावर हॉल और पावर प्रोजेक्ट से अधिकतम रॉयल्टी प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चाहे BBN में हिस्सेदारी की बात हो या फिर चंडीगढ़ में 7.19% हिस्सेदारी की, पहली बार किसी प्रदेश सरकार द्वारा इस पर मजबूती से पक्ष रखा गया है।
8. स्वरोजगार के लिए प्रदेश सरकार 650 करोड़ स्टार्टअप योजना लेकर आई है। इसमें इलेक्ट्रिकल टैक्सी सरकार में लगाई जा रही है। इसके अलावा ओवरसीज में युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए नियुक्तियां की गई हैं, जिससे सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है।
9. पिछले तीन वर्षों में राज्य सरकार द्वारा सरकारी और गैर-सरकारी नियुक्तियों से 51,777 युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं, जिनमें पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग और वन मित्र, पशु मित्र, पर्यावरण मित्र जैसे पदों पर नियुक्ति प्रमुखता से की गई है।
10. शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है और हिमाचल देश में शिक्षा के क्षेत्र में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुका है। राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली बार सीबीएसई पैटर्न लागू किया गया है।
11. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दो बार 2023 और 2025 में भारी आपदा का सामना करना पड़ा है, जिसमें प्रदेश को लगभग 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
2023 में मुख्यमंत्री ने 4500 करोड़ रुपये के आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की। जिन लोगों के मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए थे, उनको पहली बार एक लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये की मदद की गई। वर्तमान में यह मदद 8 लाख रुपये के आसपास मिल रही है।
प्रदेश के लगभग 10,000 परिवारों को सीधे तौर पर आर्थिक सहायता प्रदान की गयी, जिनके मकान, खेत और पशुधन आपदा में खत्म हो गए थे। यह देश के किसी भी राज्य में पहली बार हुआ है जहां मदद सीधे पीड़ितों को नकद के रूप में दी जा रही है।
12. पर्यटन के क्षेत्र में इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज बढ़ावा देकर स्वरोजगार के अवसर तैयार की जा रहे हैं।
13. प्रदेश की युवा आबादी को ड्रग्स और चिट्टे से बचाने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान जोरों पर चला हुआ है जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं।
14. आम लोगों की जन समस्या जानने के लिए मुख्यमंत्री ने जनता के द्वारा कार्यक्रम शुरू किया है जिसमें वह खुद गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं उनके बीच रात गुजार कर अनुभव करते हैं व मौके पर ही उनका समाधान कर देते हैं।
15. प्राकृतिक खेती में हिमाचल प्रदेश देश के शीर्ष राज्यों में पहुंच चुका है।
हिमाचल प्रदेश नशा निवारण बोर्ड के डिप्टी संयोजक संजय भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश की सरकार ने 2022 में चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में जो 10 गारंटी दी थी, उसमें 6 गारंटी 3 साल के कार्यकाल पूरा होने पर पूर्ण कर ली गई हैं।
इसके साथ-साथ विकास के अनगिनत कार्य प्रदेश सरकार निरंतर बिना केंद्र सरकार की मदद से कर रही है और प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
