शिमला। आज 14वीं विधान सभा के ग्यारहवें सत्र के प्रथम चरण के खत्म होने पर मीडिया को सम्बोधित करते हुए हिप्र विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि चौदहवीं विधान सभा के ग्यारहवें सत्र का प्रथम चरण अपेक्षा अनुरूप सफल रहा।
यह सत्र 16 फरवरी को आरम्भ हुआ तथा 18 फरवरी तक चला। उन्होंने कहा कि आज सदन की कार्यवाही 18 मार्च 11 बजे तक स्थगित की गई है तथा 18 मार्च को 11 बजे बजट सत्र का दूसरा चरण पुन: आरम्भ होगा।
इस सत्र के प्रथम चरण में 3 बैठकों का आयोजन किया गया जिसकी कार्यवाही लगभग 18 घण्टे 24 मिनट तक चली। इस तरह सत्र की उत्पादकता 124 प्रतिशत रही।
पठानिया ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सत्र के पहले दिन पूर्व विधायक स्व भगत राम चौहान के प्रति शोकोद्वार प्रकट कर समूचे सदन द्वारा श्रद्वांजली अर्पित की गई।
इस सत्र के प्रथम चरण में 34 (24 तारांकित तथा 10 अतारांकित) प्रश्नों की सूचनाओं पर सरकार द्वारा उत्तर उपलब्ध करवाए गए। शून्य काल के दौरान सदस्यों द्वारा सदन में 10 विषय उठाए गए जिनके सम्बंधित मंत्रियों द्वार उत्तर दिए गए।
उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान सरकार द्वारा नियम 102 के तहत लाए गए सरकारी संकल्प “प्रदेश को संविधान के अनुच्छेद 275 और 280 के तहत राजस्व सहायता अनुदान की राशि 5वें से 15वें वित्तायोग तक प्राप्त हो रही थी जो कि 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुरूप केन्द्र सरकार द्वारा आगामी वित्तीय वर्ष से बन्द की गई है, जिससे प्रदेश में आर्थिक संकट के हालात पैदा हुए हैं। इसके दृष्टिगत यह सदन केन्द्र सरकार से पुरजोर सिफारिश करता है कि पूर्व में दी जा रही राजस्व सहायता अनुदान राशि प्रदेश की आर्थिक स्थिति के मध्यनजर राजस्व घाटे के अनुरूप प्रदान की जाए” पर विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर सदस्यों ने बहुमुल्य सुझाव दिए तथा इसे पारित किया गया।
दो विधेयकों को राज्यपाल द्वारा पुन: विचार के लिए विभागों को लौटाया गया था, उन्हें भी सदन द्वारा पुन: विचारोपरान्त पुन: पारित किया गया।
पठानिया ने प्रैस वार्ता के दौरान सत्र के प्रथम चरण में सहयोग के लिए विशेषक मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्दर सिंह सुक्खू, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान तथा पक्ष तथा विपक्ष के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया।
उन्होंने जिला प्रशासन, सरकार के अधिकारियों / कर्मचारियों सहित सचिव विधान सभा एवं विधान सभा सचिवालय के अधिकारियों / कर्मचारियों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने सत्र के कार्य को समयवद्व तरीके से निपटाने में पूर्ण सहयोग दिया।
