हमीरपुर। प्रदेश कांग्रेस के पंचायती राज विभाग प्रभारी एवं विधायक राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया है कि 3 साल के असफल कार्यकाल को भांपकर प्रदेश सरकार ने बंद कमरों में अपने मन मुताबिक आरक्षण रोस्टर जारी किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार को याद रखना चाहिए कि प्रदेश की जनता भोली-भाली व शालीन है, लेकिन अशिक्षित नहीं है, जो सरकार की मंशा समझी न हो।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि जनता जागरूक है और सरकार के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ‘असफल सरकार, निकम्मी सरकार’ का नारा जनता के बीच गूंज रहा है, क्योंकि डबल इंजन प्रदेश व केंद्र सरकार की लड़ाई में जुड़ नहीं पाया और प्रदेश सरकार के इंजन में ईंधन खत्म है, जिस कारण विकास के काम ठप्प पड़े हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग सभी बड़े प्रोजैक्ट राज्य व केंद्र सरकार के बीच गेंद की तरह कभी इस पाले में तो कभी उस पाले में झूल रहे हैं। 30 से ज्यादा प्रोजैक्ट केंद्र सरकार की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा घोषित 69 नैशनल हाईवे में से एक भी धरातल पर क्रियाशील नहीं है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री, सहित सभी सांसद उन्हीं की पार्टी के होने के बावजूद डबल इंजन का जंग खाना बताता है कि प्रदेश सरकार को केंद्र गंभीरता से नहीं ले रहा है।
संगठन व सरकार में आपसी तकरार है तथा विधायक व मंत्री भी सरकार के मुखिया के कहने से बाहर हैं। यही कारण है कि सरकार पंचायत चुनावों को लेकर हर हथकंडा अपना रही है, क्योंकि सरकार जान चुकी है कि उनकी नाकामियों से जनता में असंतोष की लहर है।
इसी से भयभीत होकर सरकार ने अपने चहेतों को फिट करने के लिए ऐसी पंचायतें भी आरक्षण की चपेट में लाई, जहां इसकी जरूरत भी नहीं थी। योग्य व इमानदार लोगों को चुनाव लड़ने से बाहर कर दिया।