शिमला। शहरी विकास, ग्राम एवं नगर नियोजन मंत्री सुरेश भारद्वाज ने आज यहां शहरी विकास विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न केंद्रीय तथा राज्य योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में अटल श्रेष्ठ शहर योजना, स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत, प्रधान मंत्री आवास योजना, दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन, राजीव आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना तथा प्रधानमंत्री पथ विक्रेता आत्म निर्भर निधि इत्यादि के क्रियान्वयन पर विस्तार में चर्चा की गयी।
सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अटल श्रेष्ठ शहर योजना स्थानीय निकायों के लिए एक प्रतिस्पर्धा का माध्यम है जिसमे शहरी स्थानीय निकाय बेहतर कार्य करते हुये शीर्ष पद पर आकर पुरस्कार राशि प्राप्त कर सकती हैं।
अमृत योजना के अंतर्गत शहरी विकास मंत्री ने दोनों अमृत शहरों (शिमला व कुल्लू) को निर्देश दिये कि इस योजना की अवधि मार्च, 2021 में समाप्त होने जा रही है इसलिए इसके अंतर्गत चल रहे सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें।
प्रधान मंत्री आवास योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए निदेशक ने बताया कि पिछले वर्ष भारत सरकार से 1824 आवास स्वीकृत हुये हैं और पिछले एक वर्ष में 1003 आवासों का निर्माण कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे गरीब व्यक्ति जिनके पास मकान बनाने हेतु अपनी भूमि नहीं है, को आवास उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्तमान सरकार ने किफायती आवास योजना नीति बनाई है।
इसके अंतर्गत शहरी गरीबों को कम लागत पर आवास उपलब्ध करवाए जायेंगे। इस योजना के अंतर्गत शहरी गरीबों को आवास निर्माण हेतु सुंदरनगर, शिमला, मंडी तथा नाहन में भूमि का चयन कर लिया गया है और इन स्थानों पर आवास निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया जारी हैं।
किराये वाले किफायती आवास काॅम्प्लेक्स बनाने हेतु भी भारत सरकार ने नई योजना लागू की है जिसके अंतर्गत 8 सितंबर, 2020 को राज्य सरकार द्वारा समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर कर लिया गया है और इसमें भी कार्य प्रगति पर है।
दीनदयाल शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत इस वर्ष 1500 लाभार्थियों को भिन्न-भिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लक्ष्य में से अब तक 1138 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
सुरेश भारद्वाज ने निर्देश दिये कि इस वर्ष के अंत तक लक्ष्य को पूर्ण किया जाये ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग व्यावसायिक प्रशिक्षण का लाभ उठा सकें।
